{"_id":"b1d1baee6ed5e22aa1077c5a697afc83","slug":"official-gossip-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 13 Jun 2014 12:50 PM IST
विज्ञापन
शिक्षा विभाग में आजकल ईमानदारी की परिभाषा पर चर्चा छिड़ी हुई है। यह चर्चा अनायास नहीं है।
विज्ञापन
इसके पीछे अफसरों की पीड़ा भी है। विभाग के एक मंत्री ने अपने गृह जिले के कुछ भुगतान के लिए एक अफसर से कहा तो वे ना नुकुर करने लगे। मंत्रीजी ने जब फिर दबाव बनाया तो लंबी छुट्टी पर चले गए।
मंत्री के लोगों ने जब बार-बार फोन मिलाना शुरू किया तो उन्होंने फोन को खामोश कर दिया। अधिकारी मरता क्या न करता। आखिरकार अपनी पीड़ा कई सीनियरों को बताई।
विज्ञापन
मामला मंत्री से जुड़ा था सो कोई मदद को आगे नहीं आया। अब अधिकारी के लिए एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई थी। मंत्री का कहा करता तो भी मरता और न करता तो भी मरता।
विज्ञापन