अब नहीं करना होगा बार-बार जांच
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प्रदेश में इधर-उधर माल भेजने के दौरान बार-बार जांच के झमेले
व्यापारियों को बस एक बार माल की जांच करानी होगी। इसके बाद वाणिज्य कर के अधिकारियों को माल के प्रपत्रों पर जांच की मुहर लगाने के साथ हस्ताक्षर करने होंगे।
इसके बाद व्यापारियों या गाड़ी चालकों को यह रसीद दिखाने भर से काम चल जाएगा।
आयुक्त
वाणिज्य कर मृत्युंजय कुमार नारायण ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए
जोनल अपर आयुक्त, संयुक्त आयुक्त और वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों से कहा
है कि इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन किया जाए।
आयुक्त
ने कहा है कि सचल दल इकाई के अधिकारियों के साथ कर निर्धारण अधिकारियों को
धारा 45 व 48 में रोड चेकिंग का अधिकार दिया गया है।
मुख्यालय की जानकारी
में आया है कि वाहनों की जांच के समय प्रपत्र प्राप्त किए जाते हैं। परिवहन
किए जाने वाले माल की जांच उपलब्ध प्रपत्रों से की जाती है।
वाहन पर लदे
माल का भौतिक सत्यापन किया जाता है तथा प्रपत्रों के अनुरूप सही पाए जाने
पर वाहन को जाने दिया जाता है। गड़बड़ी पर जमानत आदि जमा कराकर छोड़ दिए
जाते हैं।
एक बार जांच के बाद भी दूसरे सचल
दल भी परिवहन से जाने वाले माल की जांच करते हैं। ऐसा इसलिए होता है
क्योंकि अन्य अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं होती है।
इसलिए माल की जांच
के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न मिलने पर जांच अधिकारी प्रपत्रों पर अपनी
मुहर लगाने के साथ उस पर हस्ताक्षर करेगा। इसके बाद दोबारा जांच का झंझट
नहीं रहेगा।