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‘दुर्गा पूजा की अर्जियों पर निर्णय लें अफसर’
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 24 Sep 2014 03:42 PM IST
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सूबे के संबंधित अफसरों को निर्देश दिया है कि नवरात्र के दौरान दुर्गापूजा आयोजनों व देवी दुर्गा की मूर्तियां स्थापित किए जाने को लेकर आई अर्जियों पर 25 सितंबर से पहले निर्णय लें, जिससे जरूरी इंतजाम किए जा सकें।
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अदालत ने साफ कहा है कि हर जिले के डीएम व कलेक्टर, जिन्हें इन आवेदनों पर निर्णय लेना है, अपने-अपने क्षेत्रों के तथ्यों व हालात का मूल्यांकन कर इन पर निर्णय लेंगे।
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हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने यह फैसला सूबे की छह दुर्गा पूजा समितियों की तरफ से दायर याचिकाओं का निपटारा कर सुनाया।
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इनमें 25 सितंबर से शुरू हो रहे नवरात्र के दौरान दुर्गा पूजा के आयोजनों की इजाजत दिए जाने का आग्रह किया गया था। इन समितियों का कहना था कि उन्होंने इजाजत देने संबंधी प्रत्यावेदन दिए हैं लेकिन इन पर अफसर गौर नहीं कर रहे हैं।
अदालत ने अफसरों को निर्देश दिया कि समितियों की इन अर्जियों पर 25 सितंबर से पहले कानून के तहत निर्णय ले लिया जाए।
अदालत ने दुर्गापूजा की इजाजत दिए जाने पर विसर्जन जुलूस निकालने के मार्ग संबंधी गुजारिश को लेकर अफसरों को छूट दी है कि वे कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखकर समुचित रूट निर्धारित करेंगे। कोर्ट ने इन निर्देशों के साथ इन याचिकाओं का निस्तारण कर दिया।