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घर बैठे उठा रहे हैं सेलरी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 09 May 2014 09:33 AM IST
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नगर निगम में तमाम कर्मचारी घर बैठे वेतन ले रहे हैं। पिछले साल
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एक ऐसा ही मामला पकड़ा गया था और अब फिर एक ऐसा ही मामला सामने आया है।
जोन तीन में तैनात लिपिक अर्चना शाही तीन महीने से कार्यालय नहीं आ रही हैं। उपस्थित पंजिका पर भी उसके हस्ताक्षर नहीं है।
बावजूद उसको हर महीने वेतन जारी हो जाता था। जानकारी के बाद जोनल अधिकारी अरविंद राय ने लिपिक का अप्रैल का वेतन रोक दिया है और विभागीय कार्यवाही के लिए नगर आयुक्त को रिपोर्ट भेज दी है।
मालूम हो कि पिछले साल नरेंद्र देव त्रिवेदी का मामला सामने आया था। यह कर्मचारी घर बैठे ही वेतन ले रहा था।
नगर निगम के अधिकारियों का इसका पता तब चला था जब वाराणसी पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार किए जाने की खबर और फोटो अखबारों में छपी।
ठगी के आरोप में गिरफ्तार हुए इस कर्मचारी के बारे जब निगम प्रशासन ने पता कि तो राज खुला कि वह कर्मचारी तो कभी नगर निगम आता ही नहीं था मगर उसका वेतन हर माह जारी होता था।
यह मामला नगर निगम जोन एक का था। जानकारों का कहना है वेतन बनाने वाले कर्मचारियों से साठगांठ से इनका काम चल रहा है।
जोनल कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थित रजिस्टर पर ही दर्ज होती है। इस बारे में अपर नगर आयुक्त विशाल भारद्वाज का कहना है कि अब जोनल कार्यालयों में भी बायामीट्रिक मशीन लगाई जाएगी।
जोन तीन में तैनात लिपिक अर्चना शाही तीन महीने से कार्यालय नहीं आ रही हैं। उपस्थित पंजिका पर भी उसके हस्ताक्षर नहीं है।
बावजूद उसको हर महीने वेतन जारी हो जाता था। जानकारी के बाद जोनल अधिकारी अरविंद राय ने लिपिक का अप्रैल का वेतन रोक दिया है और विभागीय कार्यवाही के लिए नगर आयुक्त को रिपोर्ट भेज दी है।
मालूम हो कि पिछले साल नरेंद्र देव त्रिवेदी का मामला सामने आया था। यह कर्मचारी घर बैठे ही वेतन ले रहा था।
नगर निगम के अधिकारियों का इसका पता तब चला था जब वाराणसी पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार किए जाने की खबर और फोटो अखबारों में छपी।
ठगी के आरोप में गिरफ्तार हुए इस कर्मचारी के बारे जब निगम प्रशासन ने पता कि तो राज खुला कि वह कर्मचारी तो कभी नगर निगम आता ही नहीं था मगर उसका वेतन हर माह जारी होता था।
यह मामला नगर निगम जोन एक का था। जानकारों का कहना है वेतन बनाने वाले कर्मचारियों से साठगांठ से इनका काम चल रहा है।
जोनल कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थित रजिस्टर पर ही दर्ज होती है। इस बारे में अपर नगर आयुक्त विशाल भारद्वाज का कहना है कि अब जोनल कार्यालयों में भी बायामीट्रिक मशीन लगाई जाएगी।