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Lucknow News: मनकामेश्वर मंदिर में फल-मेवा व सूखे मेवे से बने पकवान का भोग
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लखनऊ। मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्यागिरि ने मंगलवार को स्पष्ट रूप से कहा कि बाहर की मिठाई गर्भगृह तक भोग के लिए नहीं जाएगी। इस सूचना से संबंधित बैनर और बोर्ड लगा दिए गए हैं।
महंत ने कहा कि तिरुपतिधाम में जो कुछ हुआ, उसके बाद जांच की जरूरत महसूस की गई। इससे पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि मंदिर के प्रसाद में इस तरह से मिलावट की जा सकती है। अब चूंकि ऐसी घटना को अंजाम दिया जा चुका है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।
मंदिर के बाहर दुकानदार ललौउ ने कहा कि सोमवार या त्योहार पर ज्यादा भीड़ होती है और उसी दिन प्रसाद ज्यादा बिकता है। अभी कुछ लोग लेकर जा रहे हैं, पर गर्भगृह में नहीं चढ़ा पाते हैं। हम भी मिश्री और पंचमेवा का प्रसाद रखेंगे। फूल विक्रेता वंदना कहती हैं कि यहां पर ज्यादातर फूलमाला की दुकान लगती है। एक हलवाई की दुकान है और सोमवार को कुछ लोग फूल के साथ प्रसाद रखते हैं। रोक लगी है तो नहीं बिकेगा, कुछ और रखेंगे।
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प्रसाद को लेकर मंदिर में लगे बोर्ड पर लिखा गया है -
- स्वयं अपने हाथों से निर्मित शुद्ध वस्तुओं द्वारा निर्मित भोग चढ़ाएं।
- सूखे मेवे और इससे बने प्रसाद चढ़ाएं, फल अर्पण करें।
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महंत ने कहा कि तिरुपतिधाम में जो कुछ हुआ, उसके बाद जांच की जरूरत महसूस की गई। इससे पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि मंदिर के प्रसाद में इस तरह से मिलावट की जा सकती है। अब चूंकि ऐसी घटना को अंजाम दिया जा चुका है, इसलिए सतर्कता जरूरी है।
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मंदिर के बाहर दुकानदार ललौउ ने कहा कि सोमवार या त्योहार पर ज्यादा भीड़ होती है और उसी दिन प्रसाद ज्यादा बिकता है। अभी कुछ लोग लेकर जा रहे हैं, पर गर्भगृह में नहीं चढ़ा पाते हैं। हम भी मिश्री और पंचमेवा का प्रसाद रखेंगे। फूल विक्रेता वंदना कहती हैं कि यहां पर ज्यादातर फूलमाला की दुकान लगती है। एक हलवाई की दुकान है और सोमवार को कुछ लोग फूल के साथ प्रसाद रखते हैं। रोक लगी है तो नहीं बिकेगा, कुछ और रखेंगे।
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प्रसाद को लेकर मंदिर में लगे बोर्ड पर लिखा गया है -
- स्वयं अपने हाथों से निर्मित शुद्ध वस्तुओं द्वारा निर्मित भोग चढ़ाएं।
- सूखे मेवे और इससे बने प्रसाद चढ़ाएं, फल अर्पण करें।