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शुल्क भरपाई के लिए नियमों के फेर में फंसे ओबीसी छात्र, सीएम ने जताई नाराजगी
Tue, 11 Feb 2020 09:37 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 11 Feb 2020 09:37 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में शुल्क भरपाई की विसंगतियों पर नाराजगी जताते हुए इन्हें तत्काल दूर करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई की राशि पात्र विद्यार्थियों के खातों में पहुंचाई जाए।
तीन दिन के भीतर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट भी मांगी है। साथ ही चेतावनी दी है कि निर्देशों के पालन में लापरवाही मिलने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जून 2019 को पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के नियमों में एकरूपता लाने के निर्देश दिए थे। एक अन्य बैठक में शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए न्यूनतम अंक प्रतिशत संबंधी आदेश भी दिए गए। लेकिन, सभी विभागों के नियमों में एकरूपता लाए जाने के आदेशों का पालन नहीं किया गया।
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समाज कल्याण विभाग ने सामान्य और अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों के लिए पहले शुल्क भरपाई और उसके बाद बजट बचने पर छात्रवृत्ति देने का नियम लागू किया। नियमों में यह बदलाव 24 जनवरी को किया गया।
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तीन दिन के भीतर संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट भी मांगी है। साथ ही चेतावनी दी है कि निर्देशों के पालन में लापरवाही मिलने पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जून 2019 को पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और समाज कल्याण विभाग के छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के नियमों में एकरूपता लाने के निर्देश दिए थे। एक अन्य बैठक में शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए न्यूनतम अंक प्रतिशत संबंधी आदेश भी दिए गए। लेकिन, सभी विभागों के नियमों में एकरूपता लाए जाने के आदेशों का पालन नहीं किया गया।
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समाज कल्याण विभाग ने सामान्य और अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों के लिए पहले शुल्क भरपाई और उसके बाद बजट बचने पर छात्रवृत्ति देने का नियम लागू किया। नियमों में यह बदलाव 24 जनवरी को किया गया।
वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग में पुरानी नियमावली के आधार पर ही छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई योजना का लाभ दिया गया। इसमें भुगतान पाने वाले ओबीसी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति, दोनों योजनाओं का लाभ एक साथ मिल गया।
वहीं, इस वर्ग के करीब 50 फीसदी विद्यार्थी योजना के लाभ से पूरी तरह से वंचित हो गए। उन्हें न छात्रवृत्ति मिली और न ही शुल्क की भरपाई हो सकी।
मुख्यमंत्री ने नियमों की इन्हीं विसंगतियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को योजना का लाभ मिल सके। उधर, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने वित्त विभाग से पुनर्विनियोग के माध्यम से 200 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति मांगी है, ताकि और छात्रों को भी योजना का लाभ दिया जा सके।
वहीं, इस वर्ग के करीब 50 फीसदी विद्यार्थी योजना के लाभ से पूरी तरह से वंचित हो गए। उन्हें न छात्रवृत्ति मिली और न ही शुल्क की भरपाई हो सकी।
मुख्यमंत्री ने नियमों की इन्हीं विसंगतियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को योजना का लाभ मिल सके। उधर, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने वित्त विभाग से पुनर्विनियोग के माध्यम से 200 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति मांगी है, ताकि और छात्रों को भी योजना का लाभ दिया जा सके।