दामादों को सरकारी नौकारी दिलाने पर फंसे विधानसभा अध्यक्ष!
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विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय द्वारा विधानसभा सचिवालय में गलत तरीके से अपने दामादों की नियुक्ति किए जाने की शिकायत का राजभवन ने परीक्षण शुरू कर दिया है। मामले का परीक्षण करने के बाद राज्यपाल आगे की कार्यवाही करेंगे।
गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने राज्यपाल राम नाईक से विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अपने दो दामादों की विधानसभा सचिवालय में उच्च पदों पर गलत ढंग से नियुक्त करने की शिकायत की है।
नूतन ठाकुर के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष ने अपने बड़े दामाद प्रदीप कुमार पांडेय को 22 मार्च 2013 को संपादक के पद पर और छोटे दामाद नरेंद्र शंकर पांडेय को 12 मई 2015 को ओएसडी के पद कर नियुक्तकर दिया।
बिना विज्ञापन हो गईं नियुक्तियां
इन दोनों नियुक्तियों के लिए कोई विज्ञापन प्रकाशित नहीं कराया गया और बिना न्यूनतम अर्हता देखे गुपचुप नियुक्तियां कर दी गईं। नरेंद्र शंकर पांडेय का पता भी स्वयं माता प्रसाद पांडेय के विधायक निवास का दिया गया है।
ठाकुर ने इसे अधिकारों के दुरुपयोग का गंभीर प्रकरण बताते हुए मामले की जांच करा कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
राज्यपाल ने माता प्रसाद पांडेय के खिलाफ शिकायत की पुष्टि करते हुए कहा कि इसका परीक्षण कराया जा रहा है। पूरे मामले को देखने के बाद ही इस मामले में आगे किसी कार्यवाहीका फैसला किया जाएगा।
उधर, इस मुद्दे पर बातचीत के लिए माता प्रसाद पांडेय से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया जाता रहा लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सके। आवास से उनके न होने की बात कही जाती रही जबकि मोबाइल बंद था।