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लोहिया संस्थान में मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा, तोड़फोड़
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लखनऊ। डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। परिजनों का आरोप था कि उनके मरीज को ठीक से इलाज नहीं दिया गया। जांच के नाम पर उन्हें घंटों टरकाया गया। मरीज की मौत के बाद परिवारीजन लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा और तोड़फोड़ करने लगे। इससे घबराए डॉक्टर और कर्मचारी इमरजेंसी छोड़कर भागे। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला संभाला।
गाजीपुर निवासी 50 वर्षीय रामसुरेश को गंभीर अवस्था में शनिवार सुबह लोहिया संस्थान लाया गया था। इससे पहले वे वाराणसी में पांच दिन से भर्ती थे। बनारस में ही उनकी दो बेटियां स्टाफ नर्स हैं। हालत में सुधार न होने पर शनिवार सुबह उन्हें लोहिया संस्थान लाया गया। डॉक्टर ने होल्डिंग एरिया में मरीज को भर्ती किया। उन्हें बुखार के साथ ही सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। परिवारीजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने समय पर मरीज को नहीं देखा शाम तक उनके इलाज में लापरवाही बरती गई। इसकी वजह से उनकी हालत औऱ गंभीर हो गई। देर रात उनकी मौत हो गई। इससे नाराज परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
मौके पर मौजूद डॉक्टर और कर्मचारियों से कहासुनी होने के बाद मामला बढ़ गया। यहां तक कि इमरजेंसी के दरवाजे खिड़की के कांच तोड़ दिए गए। इससे वहां अफरातफरी मच गई। डॉक्टर और कर्मचारी के साथ ही अन्य तीमारदार अपने मरीज को लेकर भागने लगे। संस्थान प्रशासन ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ितों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस के अनुसार अभी तक इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।
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गाजीपुर निवासी 50 वर्षीय रामसुरेश को गंभीर अवस्था में शनिवार सुबह लोहिया संस्थान लाया गया था। इससे पहले वे वाराणसी में पांच दिन से भर्ती थे। बनारस में ही उनकी दो बेटियां स्टाफ नर्स हैं। हालत में सुधार न होने पर शनिवार सुबह उन्हें लोहिया संस्थान लाया गया। डॉक्टर ने होल्डिंग एरिया में मरीज को भर्ती किया। उन्हें बुखार के साथ ही सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। परिवारीजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने समय पर मरीज को नहीं देखा शाम तक उनके इलाज में लापरवाही बरती गई। इसकी वजह से उनकी हालत औऱ गंभीर हो गई। देर रात उनकी मौत हो गई। इससे नाराज परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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मौके पर मौजूद डॉक्टर और कर्मचारियों से कहासुनी होने के बाद मामला बढ़ गया। यहां तक कि इमरजेंसी के दरवाजे खिड़की के कांच तोड़ दिए गए। इससे वहां अफरातफरी मच गई। डॉक्टर और कर्मचारी के साथ ही अन्य तीमारदार अपने मरीज को लेकर भागने लगे। संस्थान प्रशासन ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ितों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस के अनुसार अभी तक इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है।
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