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Lucknow News: केजीएमयू में नर्सिंग छात्र-छात्राओं का धरना दूसरे दिन भी जारी
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केजीएमयू में धरना देतीं छात्राएं।
लखनऊ। बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा की 19 सितंबर को बुखार से मौत के बाद केजीएमयू में शुरू हुआ नर्सिंग छात्र-छात्राओं का आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। डीन के इस्तीफे समेत विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे रहे। प्रशासन ने उनसे कक्षाएं बाधित न करने और पढ़ाई शुरू करने की अपील की, लेकिन वे मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े रहे। उन्होंने मांगें जल्द न माने जाने पर भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।
छात्रा की मौत के बाद नर्सिंग विद्यार्थियों ने पढ़ाई, ड्यूटी और हॉस्टल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। आरोप लगाया था कि बीमार होने पर भी उन्हें अवकाश नहीं मिलता और ओपीडी व वार्ड में ड्यूटी लगाई जाती है। कई बार बीमारी की हालत में ही ड्यूटी करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
छात्र-छात्राएं 21 सितंबर को भी धरने पर बैठे थे। दबाव बढ़ने पर नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य ने इस्तीफा दे दिया था। अगले दिन कुलपति ने वार्ता कर 26 सितंबर तक मांगों पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने धरना स्थगित कर दिया था। उनका आरोप है कि तय समय बीतने के बाद भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सोमवार को कक्षाएं बंद कर उन्होंने दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया।
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केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि छात्रों की उचित मांगें मान ली गई हैं। मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से पढ़ाई प्रभावित न करने की अपील की गई।
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छात्रा की मौत के बाद नर्सिंग विद्यार्थियों ने पढ़ाई, ड्यूटी और हॉस्टल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। आरोप लगाया था कि बीमार होने पर भी उन्हें अवकाश नहीं मिलता और ओपीडी व वार्ड में ड्यूटी लगाई जाती है। कई बार बीमारी की हालत में ही ड्यूटी करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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छात्र-छात्राएं 21 सितंबर को भी धरने पर बैठे थे। दबाव बढ़ने पर नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य ने इस्तीफा दे दिया था। अगले दिन कुलपति ने वार्ता कर 26 सितंबर तक मांगों पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने धरना स्थगित कर दिया था। उनका आरोप है कि तय समय बीतने के बाद भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सोमवार को कक्षाएं बंद कर उन्होंने दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया।
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केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि छात्रों की उचित मांगें मान ली गई हैं। मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से पढ़ाई प्रभावित न करने की अपील की गई।

केजीएमयू में धरना देतीं छात्राएं।