यूपी में आकर कहां लापता हो गए ये पाकिस्तानी लोग?
सूबे में लापता होने वाले पाकिस्तान व बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या समय के साथ बढ़ती ही जा रही है। वर्षों से इनकी तलाश में जुटी खुफिया एजेंसियों को इनमें से कुछ के बारे में ही जानकारी हाथ लग सकी है।
एक बार फिर स्टेट इंटेलीजेंस एजेंसी से इनके बारे में जानकारी जुटाने को कहा गया है। यह कवायद आतंकी संगठन आईएसआईएस के यूपी में सक्रिय होने के केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद हो रही है।
चार साल पहले तक सूबे में लापता पाक नागरिकों की संख्या 317 थी। अब यह बढ़ कर 372 के करीब पहुंच गई है। ऐसे ही बांग्लादेश के यूपी में लापता हुए नागरिकों की संख्या 21 से बढ़ कर 32 हो चुकी है।
लखनऊ में अवैध रूप से रह रहे हैं घुसपैठ
इसके अलावा लखनऊ में ही अवैध रूप से घुसपैठ कर छद्म नामों से रह रहे दस हजार से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों के मौजूद होने की सूचना है। लगभग दो साल पहले ऐसे अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को चिह्नित करने की मुहिम चली थी और तब यह आकलन हुआ था कि सूबे में इनकी संख्या सवा लाख से अधिक हो सकती है।
वैसे खुफिया विभाग के अफसरों का मानना है कि जो पाक नागरिक यहां आकर लापता हो गए उनमें से अधिकतर की उम्र अब काफी अधिक हो चुकी होगी जबकि कुछ के मरने की भी सूचना है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी ने अंदेशा जताया है कि ऐसे लोग दिक्कत का सबब बन सकते हैं।
वे पाकिस्तानी नागरिकों के संपर्क में हो सकते हैं और किसी भी आतंकी संगठन के लिए स्लीपिंग मॉड्यूल की तरह काम कर सकते हैं। ऐसे में उनको चिह्नित कर उन पर नजर रखने को कहा गया है।
राज्य की खुफिया एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में सर्वाधिक पाक नागरिक लखनऊ आकर गायब हुए हैं। खुफिया एजेंसी को इनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। तीन साल पहले तक जो लापता पाकिस्तानियों की खुफिया विभाग को जानकारी थी उसके लिहाज से यह लोग इन जिलों में लापता हुए।