कोयला नहीं, कूड़े से बिजली बनाएंगे अखिलेश!
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अखिलेश यादव ने अब केंद्र सरकार को चुनौती देनी की तैयारी कर ली है। यूपी को केंद्र सरकार की ओर से पूरा कोयला नहीं मिलने की वजह से सूबे को लगातार बिजली की समस्या से गुजरना पड़ रहा है।
ऐसे में सूबे के शहरों में कूड़े से बिजली बनाने के लिए सरकारी-निजी सहभागिता (पीपीपी) मोड में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार एक नीति तैयार करवा रही है, जिसे जल्दी ही कैबिनेट में लाया जाएगा।
केडी सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित स्वच्छ भारत इको पदयात्रा के समापन समारोह में बौद्ध धर्मगुरू ग्यालवांग द्रोक्पा की ओर से कुशीनगर और सारनाथ में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव रखने पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह जवाब दिया।
उन्होंने कहा, इसके लिए एक नीति बनाना जरूरी है। यूरोपीय देशों में इस दिशा में काफी काम हुआ है। जब हम उनकी पेप्सी, बर्गर और पिज्जा का उपभोग कर रहे हैं, तो अच्छी तकनीक भी उनसे लेने में परहेज नहीं करना चाहिए।
यहां बनेंगे सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के प्लांट
उन्होंने कुशीनगर और सारनाथ में द्रोक्पा की ओर से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई। सीएम बोले इस बाबत लाई जा रही नीति में जमीन आदि की व्यवस्था के बारे में भी विशेष प्रावधान होंगे।
उन्होंने कुशीनगर और सारनाथ में स्वच्छता के लिए सरकार की ओर से हरसंभव मदद का वादा किया।
बिजली खरीद के लिए जब तक पारदर्शी नीति नहीं अपनाई जाएगी, तब तक उपभोक्ताओं को सस्ती व भरपूर मात्रा में बिजली नहीं मिल पाएगी।
इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन को ओपेन टेंडर कर बिजली खरीदनी चाहिए। इसके बगैर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2016 में शहरों को 24 घंटे व ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली देने की जो घोषणा की है, वह पूरी नहीं हो सकती है। यह आशंका उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने जताई है।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि सरकार की शहरों व ग्रामीण इलाकों में ज्यादा बिजली देने की योजना पावर कॉर्पोरेशन की वर्तमान बिजली खरीद नीति से सफल होने वाली नहीं हैं।