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Lucknow News: अब चिकनकारी से आगे बढ़ी लखनऊ की पहचान
Wed, 06 Nov 2024 03:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 06 Nov 2024 03:03 AM IST
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चिनहट में चिकनकारी का प्रशिक्षण लेतीं महिलाएं।
आशीष गुप्ता
लखनऊ। चिकनकारी उत्पादों से दुनियाभर में पहचान बनाने वाला अपना शहर अब होस्ट मशीनों और स्टील उत्पादों के निर्यात से भी विदेशों में नाम कमा रहा है। इसके अलावा लखनऊ में बनने वाले लाइफ जैकेट और बेल्ट, एविएशन टरबाइन फ्यूल्स, फाइबर उत्पाद, बोनलेस मीट, इंस्टैंट कॉफी व गैस टरबाइन के उपकरण भी विदेशों में धूम मचा रहे हैं। इसमें चिकन उत्पादों का हिस्सा सबसे ज्यादा 180 करोड़ से ज्यादा का है।
लखनवी चिकनकारी उत्पाद को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत पांच साल पहले चुना गया था। तब से लेकर अब तक इस योजना के तहत 1781 करोड़ की लागत से कुल 334 इकाइयां स्थापित की गई हैं। ओडीओपी योजना के तहत 2019 में हुए सर्वे के मुताबिक, जिले में चिकनकारी के 5000 से ज्यादा निर्माता हैं, जिनसे 2.5 लाख से ज्यादा कामगारों को रोजगार मिलता है। सालाना टर्नओवर 1200-1500 करोड़ रुपये का है जिसमें लखनऊ से होने वाला 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का निर्यात भी शामिल है। निर्यात विभाग के अलावा भी कारोबारी स्वतंत्र तरीके से भी निर्यात करते हैं, इससे यह आंकड़ा 180 करोड़ रुपये सालाना से ज्यादा का है।
उपायुक्त उद्योग मनोज चौरसिया के मुताबिक, 2019 के सर्वे में 150 करोड़ रुपये का निर्यात था, जिसमें 20 फीसदी तक की वृद्धि अनुमानित है। इस तरह करीब 180-200 करोड़ रुपये के बीच लखनऊ से चिकनकारी उत्पादों का निर्यात होता है। संवाद
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रक्षा उपकरणों तक का हो रहा निर्यात
चिकनकारी उत्पादों के अलावा मशीनों व अन्य उपकरणों में भी लखनऊ से बड़ा निर्यात हो रहा है। 2023-24 में वजन उठाने वाली होस्टिंग मशीनों से लेकर स्टील उत्पाद, लाइफ जैकेट और बेल्ट, एविएशन टरबाइन फ्यूल्स, फाइबर उत्पाद, बोनलेस मीट, इंस्टैंट कॉफी व गैस टरबाइन के उपकरणों की भी विदेशों में खूब मांग रही। अफसर व कारोबारी इसके पीछे सरकार की पॉलिसी को बड़ी वजह बताते हैं।
टॉप टेन उत्पाद- निर्यात (रुपयों में) 2023-24
होस्टिंग मशीन- 131.28 करोड़
स्टील उत्पाद- 124.8 करोड़
फसलों के फंगीसाइड- 79.62 करोड़
लाइफ जैकेट व बेल्ट - 72.34 करोड़
एविएशन टरबाइन ईंधन- 61.30 करोड़
लोहे व रबर के उपकरण- 51.58 करोड़
फाइबर उत्पाद - 47.26 करोड़
बोनलेस व फ्रोजन मीट- 40.55 करोड़
इंस्टैंट कॉफी- 33.86 करोड़
गैस टरबाइन पार्ट्स- 25.48 करोड़
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लगातार बढ़ रहा हमारा निर्यात
प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सेक्टोरल व एक्सपोर्ट पॉलिसी व प्रोग्राम की वजह से हमारा एक्सपोर्ट लगातार बढ़ा है। ओडीओपी समेत अन्य उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो भी बड़ी वजह है, क्योंकि इसमें विदेशों से खरीदारों को बुलाया जाता है। इससे भी प्रदेश का निर्यात बढ़ता है। कोरोना काल में भी अन्य राज्यों के मुकाबले हमारा निर्यात बढ़ा था।
- पवन अग्रवाल, संयुक्त आयुक्त, एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो, लखनऊ
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लखनऊ। चिकनकारी उत्पादों से दुनियाभर में पहचान बनाने वाला अपना शहर अब होस्ट मशीनों और स्टील उत्पादों के निर्यात से भी विदेशों में नाम कमा रहा है। इसके अलावा लखनऊ में बनने वाले लाइफ जैकेट और बेल्ट, एविएशन टरबाइन फ्यूल्स, फाइबर उत्पाद, बोनलेस मीट, इंस्टैंट कॉफी व गैस टरबाइन के उपकरण भी विदेशों में धूम मचा रहे हैं। इसमें चिकन उत्पादों का हिस्सा सबसे ज्यादा 180 करोड़ से ज्यादा का है।
लखनवी चिकनकारी उत्पाद को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत पांच साल पहले चुना गया था। तब से लेकर अब तक इस योजना के तहत 1781 करोड़ की लागत से कुल 334 इकाइयां स्थापित की गई हैं। ओडीओपी योजना के तहत 2019 में हुए सर्वे के मुताबिक, जिले में चिकनकारी के 5000 से ज्यादा निर्माता हैं, जिनसे 2.5 लाख से ज्यादा कामगारों को रोजगार मिलता है। सालाना टर्नओवर 1200-1500 करोड़ रुपये का है जिसमें लखनऊ से होने वाला 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का निर्यात भी शामिल है। निर्यात विभाग के अलावा भी कारोबारी स्वतंत्र तरीके से भी निर्यात करते हैं, इससे यह आंकड़ा 180 करोड़ रुपये सालाना से ज्यादा का है।
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उपायुक्त उद्योग मनोज चौरसिया के मुताबिक, 2019 के सर्वे में 150 करोड़ रुपये का निर्यात था, जिसमें 20 फीसदी तक की वृद्धि अनुमानित है। इस तरह करीब 180-200 करोड़ रुपये के बीच लखनऊ से चिकनकारी उत्पादों का निर्यात होता है। संवाद
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रक्षा उपकरणों तक का हो रहा निर्यात
चिकनकारी उत्पादों के अलावा मशीनों व अन्य उपकरणों में भी लखनऊ से बड़ा निर्यात हो रहा है। 2023-24 में वजन उठाने वाली होस्टिंग मशीनों से लेकर स्टील उत्पाद, लाइफ जैकेट और बेल्ट, एविएशन टरबाइन फ्यूल्स, फाइबर उत्पाद, बोनलेस मीट, इंस्टैंट कॉफी व गैस टरबाइन के उपकरणों की भी विदेशों में खूब मांग रही। अफसर व कारोबारी इसके पीछे सरकार की पॉलिसी को बड़ी वजह बताते हैं।
टॉप टेन उत्पाद- निर्यात (रुपयों में) 2023-24
होस्टिंग मशीन- 131.28 करोड़
स्टील उत्पाद- 124.8 करोड़
फसलों के फंगीसाइड- 79.62 करोड़
लाइफ जैकेट व बेल्ट - 72.34 करोड़
एविएशन टरबाइन ईंधन- 61.30 करोड़
लोहे व रबर के उपकरण- 51.58 करोड़
फाइबर उत्पाद - 47.26 करोड़
बोनलेस व फ्रोजन मीट- 40.55 करोड़
इंस्टैंट कॉफी- 33.86 करोड़
गैस टरबाइन पार्ट्स- 25.48 करोड़
लगातार बढ़ रहा हमारा निर्यात
प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सेक्टोरल व एक्सपोर्ट पॉलिसी व प्रोग्राम की वजह से हमारा एक्सपोर्ट लगातार बढ़ा है। ओडीओपी समेत अन्य उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो भी बड़ी वजह है, क्योंकि इसमें विदेशों से खरीदारों को बुलाया जाता है। इससे भी प्रदेश का निर्यात बढ़ता है। कोरोना काल में भी अन्य राज्यों के मुकाबले हमारा निर्यात बढ़ा था।
- पवन अग्रवाल, संयुक्त आयुक्त, एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो, लखनऊ