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अस्थाई बिजली कनेक्शन की आड़ में कमाई का खेल खत्म
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अब ऑनलाइन ही मिलेंगे अस्थाई बिजली कनेक्शन।
- फोटो : ??? ?????
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भवन निर्माण के लिए ऑफलाइन मिलने वाला अस्थाई बिजली कनेक्शन अब सिर्फ ऑनलाइन मिलेगा। 17 सितंबर से अस्थाई कनेक्शन के ऑॅफलाइन आवेदन पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इसके लिए दो पोर्टल निर्धारित किए गए है।
20 किलोवाट तक अस्थाई कनेक्शन का आवेदन झटपट पोर्टल एवं 20 किलोवाट से अधिक के अस्थाई कनेक्शन के लिए निवेश मित्र पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
अधिशासी अभियंताओं को इस कनेक्शन की प्रोसेसिंग फीस, कनेक्शन शुल्क, मीटर चार्ज, लाइन चार्ज व सिक्योरिटी को ऑनलाइन जमा करानी पड़ेगी। इस सिलसिले में यूपी पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने आदेश जारी किए हैं।
निदेशक (वाणिज्य) प्रदीप कक्कड़ कहते हैं कि अब उपभोक्ता जितनी अवधि के लिए अस्थाई कनेक्शन लेगा उतने दिन ही बिजली उपभोग कर सकेगा। वैधता खत्म होते ही कनेक्शन काट दिया जाएगा या फिर अवधि को बढ़वाना पड़ेगा।
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एडवांस एनर्जी चार्ज नहीं
अस्थाई बिजली कनेक्शन की नई व्यवस्था में अब उपभोक्ताओं को एडवांस एनर्जी चार्ज (यानी तीन माह के लिए कनेक्शन लिया तो उसमें जलने वाली बिजली का असेसमेंट करके उसकी राशि) को जमा नहीं कराया जाएगा। यह चार्ज ऑनलाइन बिलिंग के जरिये वसूला जाएगा। अभी पूरी अवधि का अस्थाई एनर्जी चार्ज वसूल किया जाता है।
डबल असेसमेंट के गोरखधंधे पर अंकुश
अस्थाई कनेक्शन का बिल बनाने के दौरान कुछ एक्सईएन व बाबू के द्वारा मलाई काटने का खेल भी खत्म हो गया है। यानी अब वैधता खत्म होने के बाद उपभोक्ता अस्थाई कनेक्शन से बिजली का उपभोग नहीं कर पाएगा और न ही वैधता के बाद बिजली जलाने का डबल रेट से बिल का असेसमेंट होगा। अब तक इस अवधि का डबल असेसमेंट करके फिर लेनदेन के बाद सिंगल असेसमेंट कर प्रकरण का पटाक्षेप कर दिया जा रहा था।
घर पहुंचाना होगा बिल
लेसा के ट्रांस व गोमती जोन के अधिशासी अभियंताओं को अब अस्थाई बिजली कनेक्शन का प्रति माह ऑनलाइन बिल जनरेट करके रीडर के जरिये उपभोक्ता के घर पहुंचाना होगा। साथ ही उपभोक्ता से बिल की रकम भी ऑनलाइन जमा करानी होगी। यानी एक्सईएन को प्रति माह मीटर रीडिंग करानी पड़ेगी।
अस्थाई बिजली कनेक्शन भी अब स्थाई कनेक्शन की तर्ज पर ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। इससे उपभोक्ताओं को कार्यालय व उपकेंद्र के चक्कर नहीं लगाने होंगे। और, उनको तय समय में कनेक्शन मिलेगी, जिससे सहूलियत होगी।
- सूर्यपाल गंगवार, प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम
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20 किलोवाट तक अस्थाई कनेक्शन का आवेदन झटपट पोर्टल एवं 20 किलोवाट से अधिक के अस्थाई कनेक्शन के लिए निवेश मित्र पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
अधिशासी अभियंताओं को इस कनेक्शन की प्रोसेसिंग फीस, कनेक्शन शुल्क, मीटर चार्ज, लाइन चार्ज व सिक्योरिटी को ऑनलाइन जमा करानी पड़ेगी। इस सिलसिले में यूपी पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने आदेश जारी किए हैं।
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निदेशक (वाणिज्य) प्रदीप कक्कड़ कहते हैं कि अब उपभोक्ता जितनी अवधि के लिए अस्थाई कनेक्शन लेगा उतने दिन ही बिजली उपभोग कर सकेगा। वैधता खत्म होते ही कनेक्शन काट दिया जाएगा या फिर अवधि को बढ़वाना पड़ेगा।
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एडवांस एनर्जी चार्ज नहीं
अस्थाई बिजली कनेक्शन की नई व्यवस्था में अब उपभोक्ताओं को एडवांस एनर्जी चार्ज (यानी तीन माह के लिए कनेक्शन लिया तो उसमें जलने वाली बिजली का असेसमेंट करके उसकी राशि) को जमा नहीं कराया जाएगा। यह चार्ज ऑनलाइन बिलिंग के जरिये वसूला जाएगा। अभी पूरी अवधि का अस्थाई एनर्जी चार्ज वसूल किया जाता है।
डबल असेसमेंट के गोरखधंधे पर अंकुश
अस्थाई कनेक्शन का बिल बनाने के दौरान कुछ एक्सईएन व बाबू के द्वारा मलाई काटने का खेल भी खत्म हो गया है। यानी अब वैधता खत्म होने के बाद उपभोक्ता अस्थाई कनेक्शन से बिजली का उपभोग नहीं कर पाएगा और न ही वैधता के बाद बिजली जलाने का डबल रेट से बिल का असेसमेंट होगा। अब तक इस अवधि का डबल असेसमेंट करके फिर लेनदेन के बाद सिंगल असेसमेंट कर प्रकरण का पटाक्षेप कर दिया जा रहा था।
घर पहुंचाना होगा बिल
लेसा के ट्रांस व गोमती जोन के अधिशासी अभियंताओं को अब अस्थाई बिजली कनेक्शन का प्रति माह ऑनलाइन बिल जनरेट करके रीडर के जरिये उपभोक्ता के घर पहुंचाना होगा। साथ ही उपभोक्ता से बिल की रकम भी ऑनलाइन जमा करानी होगी। यानी एक्सईएन को प्रति माह मीटर रीडिंग करानी पड़ेगी।
अस्थाई बिजली कनेक्शन भी अब स्थाई कनेक्शन की तर्ज पर ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। इससे उपभोक्ताओं को कार्यालय व उपकेंद्र के चक्कर नहीं लगाने होंगे। और, उनको तय समय में कनेक्शन मिलेगी, जिससे सहूलियत होगी।
- सूर्यपाल गंगवार, प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम