'नोटों का सूटकेस रखने वालों को ही कांग्रेस ने दिया टिकट'
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कांग्रेस में लखनऊ की मोहनलालगंज सीट प्रत्याशी पर हुए बखेड़े को खत्म हुए, अभी कुछ ही दिन हुए कि सीतापुर सीट सुर्खियों में आ गई है।
सीतापुर में वैशाली अली को प्रत्याशी बनाए जाने का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. अम्मार रिजवी और टिकट की दावेदार अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की पूर्व महामंत्री उमा मिश्रा ने खुलकर विरोध किया है।
अम्मार ने वैशाली अली को उम्मीदवार बनाने को जहां कांग्रेसियों के मुंह पर तमाचा बताया है वहीं उमा मिश्रा ने आरोप लगाया है कि नोटों का सूटकेस रखने वालों को ही कांग्रेस में टिकट मिलते हैं।
पहली सूची पर ही हुआ बखेड़ा
लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची को लेकर कांग्रेस में असंतोष सतह पर आ गया है।
मोहनलालगंज सीट से नरेंद्र गौतम को टिकट देने से नाराज वरिष्ठ नेता श्याम लाल पुजारी के आमरण अनशन के बाद अब सीतापुर के प्रत्याशी को लेकर कांग्रेसी बगावती तेवर दिखा रहे हैं।
सीतापुर के कांग्रेसियों के निशाने पर केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद हैं जो धौरहरा से चुनाव लड़ रहे हैं और माना जा रहा है कि वैशाली अली को उन्हीं के इशारे पर टिकट दिया गया है।
पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं का किया अपमान
अम्मार रिजवी ने बुधवार को कार्यकर्ताओं की बैठक में पार्टी नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि जिले के कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर बाहरी को टिकट देकर पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं का अपमान किया है।
अम्मार का कहना है कि उन्होंने टिकट के लिए आवेदन नहीं किया था लेकिन जिले के कई दिग्गज कांग्रेसी लाइन में थे।
अगर किसी छोटे कार्यकर्ता को टिकट दिया जाता तो जनपद के कार्यकर्ताओं में हताशा व निराशा नहीं होती। सीतापुर में कांग्रेस को सींचने वाले हरीश वाजपेयी, रामलाल राही, शमीना शफीक, आशीष मिश्र जैसे दिग्गज नेता थे।
इनमें से किसी को टिकट दिया जा सकता था। कांग्रेसी चुप नहीं बैठेंगे, बल्कि बाहरी प्रत्याशी को भगाने में जुटेंगे।
राहुल गांधी को लिखा पत्र
उधर, उमा मिश्रा ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र भेजकर विरोध जताया है।
पत्र में उन्होंने कहा है कि सीतापुर से ऐसी महिला को प्रत्याशी बनाया गया है जिसे आम जनता तो दूर स्थानीय कांग्रेसी तक नहीं जानते।
उमा मिश्रा का कहना है कि उनके पास नोटों से भरा सूटकेस नहीं है इसलिए उन्हें हर बार आश्वासन के बाद भी टिकट नहीं मिलता।
उन्होंने टिकट वितरण पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी को अपनी टीम के धोखेबाजों की शिनाख्त करने की सलाह दी है।