UP News: अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखेगी स्कूली बच्चों की खेल प्रतिभा, जुलाई से शुरू होंगी प्रतिस्पर्धाएं
बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 से 8 के बच्चों के लिए राष्ट्रीय व राज्य स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी को लेकर विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। बच्चों को अंडर-14 वर्ग में तीरंदाजी, जिम्नास्टिक, फुटबॉल समेत15 से ज्यादा खेलों में प्रतिभाग कराया जाएगा। ये प्रतियोगिताएं जुलाई से अक्टूबर तक होंगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अब राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा 6 से 8 के छात्रों को अंडर-14 श्रेणी में शामिल करते हुए जुलाई से अक्टूबर तक विभिन्न स्तरों पर प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम जारी किया है।
विभाग के अनुसार कक्षा छह से आठ के बच्चों को अंडर 14 प्रतियोगिता में प्रतिभाग कराया जाएगा। इसके तहत जुलाई के दूसरे सप्ताह में विद्यालय स्तर पर तीरंदाजी, कराटे, शूटिंग, तैराकी, जिम्नास्टिक, हैंडबॉल, फुटबॉल, कुश्ती, मलखंभ, कबड्डी, क्रिकेट, ताइक्वांडो, खो खो, शतरंज आदि की प्रतियोगिता आयोजित होगी।
ये भी पढ़े- UP: बिजली चोरों को पकड़ने के लिए गलियों की खाक छान रहीं एसडीओ, टीम ने सुबह साढ़े पांच बजे मारा छापा
जुलाई तीसरे सप्ताह में न्याय पंचायत स्तर और चौथे में विकास खंड स्तर, अगस्त पहले सप्ताह में जिला और दूसरे सप्ताह में मंडल स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। जबकि 30 अक्टूबर तक प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन कर लिया जाएगा। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि कक्षा छह से आठ के बच्चों को सभी स्तर की प्रतियोगिता में शामिल किया जाएगा। ताकि उनको राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार किए जा सकेगा।
ये भी पढ़े- यूपी: पूरे प्रदेश में मानसून का असर, आज इन 30 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी; बढ़ा नदियों का जलस्तर
सभी छात्र कम से कम दो खेलों में भाग लें
बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने सभी बीएसए को निर्देशित किया है कि छात्र कम से कम दो खेलों में भाग लें और आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी समय से सुनिश्चित की जाए। प्राथमिक विद्यालयों को 5000 और उच्च प्राथमिक को 10,000 तक की खेल सामग्री खरीदने का बजट भी मंजूर किया गया है। विभाग का उद्देश्य है कि ग्रामीण और सरकारी स्कूलों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंच सकें।