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लोहिया संस्थान के अस्पताल ब्लॉक में अब मुफ्त इलाज नहीं, पर्चा भी 100 रुपये का हुआ
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लखनऊ। लोहिया संस्थान के अस्पताल ब्लॉक में अब एक रुपये के पर्चे पर मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा। अब यहां मरीजों को जांच व दवाओं के लिए पैसा खर्च करना होगा। अभी तक यह सुविधा निशुल्क थी। यही नहीं पर्चा बनवाने के लिए भी अब 100 रुपये देने पड़ेंगे। शासन के आदेश बाद संस्थान प्रशासन नौ जुलाई से नई व्यवस्था लागू करने जा रहा है।
लोहिया संस्थान का अस्पताल में वर्ष 2019 में विलय हुआ था। संस्थान में मरीजों को पर्चे के लिए 100 रुपये शुल्क देना पड़ता है, जबकि अस्पताल ब्लॉक में मरीजों को एक रुपये के पर्चे पर मुफ्त इलाज मिल रहा था। संस्थान प्रशासन ने दोनों जगह इलाज व जांच शुल्क की व्यवस्था एक करने के लिए प्रस्ताव शासन भेजा था। वहां काफी समय से मामला लंबित रहने के बाद शासन ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। अब अस्पताल ब्लॉक में आने वाले मरीजों को भी ओपीडी पर्चे के लिए 100 रुपये देने होंगे। वहीं, जांच से लेकर दवाओं पर खर्च का बोझ मरीजों पर बढ़ेगा। इस बारे में संस्थान की निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद का कहना है कि मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं मुहैया कराए जाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। शासन के निर्देश पर नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
अस्पताल ब्लॉक की ओपीडी में रोजाना आते हैं 3000 मरीज
लोहिया के अस्पताल ब्लॉक में करीब 400 बेड हैं। इसमें आर्थोपैडिक, सर्जरी, ईएनटी, मेडिसिन समेत अन्य विभागों का संचालन हो रहा है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब तीन हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां पर मरीजों की भर्ती भी होती है। अभी तक उनसे कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता था, लेकिन अब मरीजों को जांच व दवा का शुल्क देना होगा।
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लोहिया संस्थान का अस्पताल में वर्ष 2019 में विलय हुआ था। संस्थान में मरीजों को पर्चे के लिए 100 रुपये शुल्क देना पड़ता है, जबकि अस्पताल ब्लॉक में मरीजों को एक रुपये के पर्चे पर मुफ्त इलाज मिल रहा था। संस्थान प्रशासन ने दोनों जगह इलाज व जांच शुल्क की व्यवस्था एक करने के लिए प्रस्ताव शासन भेजा था। वहां काफी समय से मामला लंबित रहने के बाद शासन ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। अब अस्पताल ब्लॉक में आने वाले मरीजों को भी ओपीडी पर्चे के लिए 100 रुपये देने होंगे। वहीं, जांच से लेकर दवाओं पर खर्च का बोझ मरीजों पर बढ़ेगा। इस बारे में संस्थान की निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद का कहना है कि मरीजों को सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं मुहैया कराए जाने की दिशा में यह कदम उठाया गया है। शासन के निर्देश पर नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
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अस्पताल ब्लॉक की ओपीडी में रोजाना आते हैं 3000 मरीज
लोहिया के अस्पताल ब्लॉक में करीब 400 बेड हैं। इसमें आर्थोपैडिक, सर्जरी, ईएनटी, मेडिसिन समेत अन्य विभागों का संचालन हो रहा है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब तीन हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां पर मरीजों की भर्ती भी होती है। अभी तक उनसे कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता था, लेकिन अब मरीजों को जांच व दवा का शुल्क देना होगा।
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