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Lucknow News: केजीएमयू के एचआरएफ काउंटर पर अब मिल सकेंगी नई दवाएं
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किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय।
लखनऊ। किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के हाॅस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) काउंटर पर अब बाजार में आने वाली नई दवाएं भी मिल सकेंगी। इसके लिए केजीएमयू इसी महीने टेंडर करेगा।
केजीएमयू में एचआरएफ के माध्यम से सीधे कंपनियों से दवाएं खरीदी जाती हैं। इस वजह से बाजार के मुकाबले ये सस्ती होती हैं। केजीएमयू प्रशासन कई दवाओं पर 80 फीसदी तक छूट देने का दावा भी करता है। संस्थान में पिछला बड़ा टेंडर वर्ष 2021 में हुआ था। दवाओं में लगातार शोध हो रहे हैं। इस वजह से हर साल कुछ नई दवाएं आ आती हैं। टेंडर में ये दवाएं शामिल न होने से एचआरएफ काउंटर पर उपलब्ध नहीं हैं। इसे देखते हुए केजीएमयू प्रशासन नए सिरे से टेंडर करने जा रहा है। केजीएमयू में इस समय एचआरएफ के 22 काउंटर हैं।
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सालभर में दोगुने से ज्यादा बढ़ गई बिक्री
पिछले एक साल में एचआरएफ काउंटर पर बिक्री दोगुने से ज्यादा बढ़ गई है। एचआरएफ प्रभारी डाॅ. कुमार शांतनु के मुताबिक, साल भर पहले एचआरएफ का मासिक टर्नओवर करीब सात करोड़ था, जो अब 18 करोड़ पहुंच गया है। दवाओं की संख्या भी दो हजार से बढ़कर 3,500 पहुंच गई है। यहां सभी सर्जिकल सामान और इंप्लांट भी उपलब्ध होने लगे हैं।
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एचआरएफ में अतिरिक्त दवाएं शामिल करने के लिए नया टेंडर प्रस्तावित है। इसके बाद नई दवाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। इससे मरीजों को काफी फायदा मिलेगा।
- प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू
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केजीएमयू में एचआरएफ के माध्यम से सीधे कंपनियों से दवाएं खरीदी जाती हैं। इस वजह से बाजार के मुकाबले ये सस्ती होती हैं। केजीएमयू प्रशासन कई दवाओं पर 80 फीसदी तक छूट देने का दावा भी करता है। संस्थान में पिछला बड़ा टेंडर वर्ष 2021 में हुआ था। दवाओं में लगातार शोध हो रहे हैं। इस वजह से हर साल कुछ नई दवाएं आ आती हैं। टेंडर में ये दवाएं शामिल न होने से एचआरएफ काउंटर पर उपलब्ध नहीं हैं। इसे देखते हुए केजीएमयू प्रशासन नए सिरे से टेंडर करने जा रहा है। केजीएमयू में इस समय एचआरएफ के 22 काउंटर हैं।
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सालभर में दोगुने से ज्यादा बढ़ गई बिक्री
पिछले एक साल में एचआरएफ काउंटर पर बिक्री दोगुने से ज्यादा बढ़ गई है। एचआरएफ प्रभारी डाॅ. कुमार शांतनु के मुताबिक, साल भर पहले एचआरएफ का मासिक टर्नओवर करीब सात करोड़ था, जो अब 18 करोड़ पहुंच गया है। दवाओं की संख्या भी दो हजार से बढ़कर 3,500 पहुंच गई है। यहां सभी सर्जिकल सामान और इंप्लांट भी उपलब्ध होने लगे हैं।
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एचआरएफ में अतिरिक्त दवाएं शामिल करने के लिए नया टेंडर प्रस्तावित है। इसके बाद नई दवाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। इससे मरीजों को काफी फायदा मिलेगा।
- प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू