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इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण में निवेश का रास्ता साफ, सरकार ने जारी की नियमावली
Sat, 07 Sep 2019 03:35 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 07 Sep 2019 03:35 PM IST
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Electric Vehicle
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सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) मैन्युफैक्चरिंग नीति-2019 के क्रियान्वयन के लिए नियमावली जारी कर दी है। नीति में मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों की स्थापना संबंधी मार्गदर्शी सिद्धांत तय किए गए हैं। इससे ईवी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश का रास्ता साफ हो गया है। यह नीति 12 अगस्त 2024 तक प्रभावी रहेगी।
औद्योगिक विकास विभाग की ओर से जारी नियमावली के मुताबिक बुंदेलखंड क्षेत्र में न्यूनतम 200 करोड़ के पूंजी निवेश अथवा 1000 प्रत्यक्ष रोजगार वाली इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को वृहद इकाई से जुडे़ लाभ दिए जाएंगे।
बुंदेलखंड को छोड़ अन्य हिस्से में वृहद इकाई से जुड़े लाभ के लिए न्यूनतम 300 करोड़ रुपये निवेश अथवा 1500 प्रत्यक्ष रोजगार की शर्त होगी। 100 करोड़ या उससे अधिक निवेश अथवा न्यूनतम 1200 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने वाली इलेक्ट्रिक बैटरी यूनिट (ईबीयू) अथवा फ्यूल सेल्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मेगा परियोजना के लाभ मिलेंगे।
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औद्योगिक विकास विभाग की ओर से जारी नियमावली के मुताबिक बुंदेलखंड क्षेत्र में न्यूनतम 200 करोड़ के पूंजी निवेश अथवा 1000 प्रत्यक्ष रोजगार वाली इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को वृहद इकाई से जुडे़ लाभ दिए जाएंगे।
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बुंदेलखंड को छोड़ अन्य हिस्से में वृहद इकाई से जुड़े लाभ के लिए न्यूनतम 300 करोड़ रुपये निवेश अथवा 1500 प्रत्यक्ष रोजगार की शर्त होगी। 100 करोड़ या उससे अधिक निवेश अथवा न्यूनतम 1200 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने वाली इलेक्ट्रिक बैटरी यूनिट (ईबीयू) अथवा फ्यूल सेल्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मेगा परियोजना के लाभ मिलेंगे।
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मेगा एंकर परियोजना के तहत एक ही स्थान पर न्यूनतम 1000 करोड़ रुपये निवेश होना चाहिए। स्थापना के तीन वर्ष में 200 करोड़ के निवेश से सहायक इकाइयों की स्थापना करवाना होगा। ईवी मैन्युफैक्चरिंग की एंकर इकाइयों में 500 करोड़ रुपये निवेश व न्यूनतम 10 वेंडर इकाइयों का क्लस्टर बनाना होगा।
ईबीयू की एंकर इकाइयों के लिए 300 करोड़ निवेश व न्यूनतम 10 वेंडर इकाइयों की उसी क्लस्टर में स्थापना करनी होगी। शासन ने इकाइयों की स्वीकृति के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक प्राधिकार प्राप्त समिति भी बना दी है। इसमें विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव, यूपीएसआईडीसी व पिकप के एमडी व सीईओ ग्रेटर नोएडा शामिल होंगे। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण को नोडल संस्था बनाया गया है।
ईबीयू की एंकर इकाइयों के लिए 300 करोड़ निवेश व न्यूनतम 10 वेंडर इकाइयों की उसी क्लस्टर में स्थापना करनी होगी। शासन ने इकाइयों की स्वीकृति के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक प्राधिकार प्राप्त समिति भी बना दी है। इसमें विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव, यूपीएसआईडीसी व पिकप के एमडी व सीईओ ग्रेटर नोएडा शामिल होंगे। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण को नोडल संस्था बनाया गया है।
ईवी लेने पर मिलेगी छूट, परिवहन विभाग जारी करेगा शासनादेश
सरकार ने तय किया है कि इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की मांग बाजार में पैदा करने के लिए खरीददारों को कई छूट दी जाएगी। पहला, वाहन पंजीकरण शुल्क माफ होगा। दोपहिया वाहन को रोड टैक्स में 100 प्रतिशत व अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स में 75 प्रतिशत छूट मिलेगी। इसके लिए परिवहन विभाग अलग से शासनादेश जारी करेगा।