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कॉर्पोरेट अस्पतालों को भी आयुष्मान योजना से जोड़ने की कवायद, एसजीपीजीआई का दिया हवाला
Sat, 28 Sep 2019 03:49 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 28 Sep 2019 03:49 PM IST
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ayushman yojna
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ में बढ़ रहे कॉर्पोरेट अस्पतालों को भी आयुष्मान योजना से जोड़ने की कवायद है। इसके पीछे तर्क दिया गया कि जब एसजीपीजीआई आयुष्मान से जुड़ सकता है तो फिर वे पीछे क्यों हैं। इस संबंध में सीएमओ ने सभी कार्पोरेट अस्पतालों को पत्र भेजा है।
लखनऊ में आयुष्मान योजना में 2,79,930 परिवार पंजीकृत हुए हैं। इनके इलाज के लिए अभी तक 159 अस्पताल जुड़े हैं। इसमें 129 निजी और 30 सरकारी अस्पताल हैं। खास बात यह है कि एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान सहित सभी सरकारी अस्पतालों को इसके दायरे में लाया गया है। ये उपचार भी कर रहे हैं, लेकिन योजना में निजी अस्पतालों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
राजधानी में मौजूद अस्पतालों की अपेक्षा आयुष्मान से जुड़ने वालों की संख्या 30 से 35 फीसदी ही है। अब सभी अस्पतालों को योजना से जोड़ने की कवायद की जा रही है। उनके बीच जागरूकता अभियान भी चलाया गया है। दो माह पहले सीएमओ कार्यालय में इस संबंध में निजी अस्पताल संचालकों की बैठक भी हो चुकी है। अब सीएमओ कार्यालय लिखित पत्र भेज रहा है।
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लखनऊ में आयुष्मान योजना में 2,79,930 परिवार पंजीकृत हुए हैं। इनके इलाज के लिए अभी तक 159 अस्पताल जुड़े हैं। इसमें 129 निजी और 30 सरकारी अस्पताल हैं। खास बात यह है कि एसजीपीजीआई, केजीएमयू, लोहिया संस्थान सहित सभी सरकारी अस्पतालों को इसके दायरे में लाया गया है। ये उपचार भी कर रहे हैं, लेकिन योजना में निजी अस्पतालों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
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राजधानी में मौजूद अस्पतालों की अपेक्षा आयुष्मान से जुड़ने वालों की संख्या 30 से 35 फीसदी ही है। अब सभी अस्पतालों को योजना से जोड़ने की कवायद की जा रही है। उनके बीच जागरूकता अभियान भी चलाया गया है। दो माह पहले सीएमओ कार्यालय में इस संबंध में निजी अस्पताल संचालकों की बैठक भी हो चुकी है। अब सीएमओ कार्यालय लिखित पत्र भेज रहा है।
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कार्पोरेट अस्पतालों को भी मिलेगा लाभ
स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि योजना से जुड़ने पर मरीजों के साथ संबंधित कार्पोरेट अस्पतालों को भी लाभ मिलेगा। इसका कारण है कि बड़ी संख्या में कार्ड धारक मरीज उनसे जुड़ेंगे। योजना में शामिल पैकेज की दरें भी तय हैं।
आईएमए से भी की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आईएमए को भी पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि आईएमए से जुड़े अस्पताल संचालकों को अधिक से अधिक आयुष्मान योजना से जोड़ा जाए। सरकारी की इस महत्वाकांक्षी योजना में भागीदारी निभाई जाए।
सभी अस्पतालों को जोड़ने का प्रयास
योजना में सभी अस्पतालों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। राजधानी के सभी कार्पोेरेट व निजी अस्पतालों को पत्र भेजा गया है। इन्हें योजना में जुड़ने से होने वाले फायदे बताए गए हैं।
- डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ
आईएमए से भी की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आईएमए को भी पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि आईएमए से जुड़े अस्पताल संचालकों को अधिक से अधिक आयुष्मान योजना से जोड़ा जाए। सरकारी की इस महत्वाकांक्षी योजना में भागीदारी निभाई जाए।
सभी अस्पतालों को जोड़ने का प्रयास
योजना में सभी अस्पतालों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। राजधानी के सभी कार्पोेरेट व निजी अस्पतालों को पत्र भेजा गया है। इन्हें योजना में जुड़ने से होने वाले फायदे बताए गए हैं।
- डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ
शिकायत व सुझाव हो तो हमें बताएं
केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना चलाई जा रही है। इसके तहत चयनित परिवार के सदस्यों को पांच लाख रुपये तक का इलाज किया जाता है। पर, अब भी लाभार्थियों को विभिन्न तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में ‘अमर उजाला’ ने अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य योजना में आ रही समस्याओं को सामने लाना और उसके निराकरण की दिशा में काम करना है, जिससे लाभार्थियों को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। यदि आपकी कोई शिकायत, सुझाव हो तो हमें बताएं।
व्हाट्सएप - 8859108092
मेल - chandrab@knp.amarujala.com
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