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कम होगी नवाबनगरी से ताजनगरी की दूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 21 Jun 2014 12:47 PM IST
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एक ऐसी सड़क जिसके बनने से लखनऊ से दिल्ली का रास्ता आधे से भी कम समय में तय हो जाएगा।
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इसके बनने से दिल्ली तक की दूरी केवल छह से सात घंटे में तय हो जाएगी। लखनऊ से आगरा के बीच बनने वाले सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे को आगरा में युमना एक्सप्रेस-वे (आगरा से नोएडा) से जोड़ दिया जाएगा।
इस तरह से लखनऊ से आगरा के बीच करीब 380 किलोमीटर का रास्ता केवल 300 किलोमीटर रह जाएगा। यह न केवल आगरा बल्कि दिल्ली तक के सफर को आसान बना देगा।
इस सड़क को सरकार अपने दम पर यूपी एक्सप्रेस वे डवलपमेंट अथारिटी के जरिए बनवाएगी।
इसके लिए 3280 करोड़ रुपये की व्यवस्था शुक्रवार को प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष-2014-15 के बजट में कर दी है।
इस परियोजना को पूरा करने के लिए तीन साल का समय रखा गया है। सरकार पहले इस परियोजना को युमना एक्सप्रेस-वे की तरह पीपीपी मॉडल पर बनवाना चाहती थी।
मगर अर्जन की दुविधाओं को देखते हुए निजी कंपनियों ने इस परियोजना में कोई रुचि नहीं दिखाई। मगर सरकार अब इसको अपने दम पर बनाने के लिए तैयार है।
300 किलोमीटर तक की इस सिक्सलेन एक्सप्रेस-वे परियोजना को ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत भी विकसित किया जाएगा।
इस साल परियोजना की शुरुआत भूमि अर्जन और टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने से की जाएगी।
इसके लिए 3280 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम सरकार ने इस बजट में रख कर परियोजना के तेजी से काम करने का रास्ता खोल दिया है।
एक्सप्रेस-वे के लिए नई नीति के हिसाब से भूमि अर्जन किया जाएगा। किसानों को बाजार भाव के अनुसार मुआवजा देकर समझौते के आधार पर भूमि ली जाएगी।
लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे का एलाइनमेंट
आगरा से लखनऊ के बीच प्रस्तावित छह लेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, इटावा, मैनपुरी, कन्नौज और लखनऊ में मोहान रोड से गुजरेगा।
इनमें से फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, इटावा, मैनपुरी, कन्नौज और मलिहाबाद के नजदीक से गुजरने वाले विकल्प पर मुख्यमंत्री ने मुहर लगा दी है। इस पर एक्सप्रेसवे का निर्माण करने में उपजाऊ जमीन का कम से कम अधिग्रहण करना पड़ेगा।
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इस अलाइनमेंट का अधिकांश भाग नहर की पटरियों के करीब सिंचाई विभाग व अन्य सरकारी जमीनों में पड़ रहा है।