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अब सहकारी बैंक में भी मिलेगी इंटरनेट-मोबाइल बैंकिंग सेवाएं, आईएफएसई को भी शुरू
Mon, 28 Oct 2019 02:08 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Mon, 28 Oct 2019 02:08 PM IST
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यूपी को-ऑपरेटिव बैंक में जल्द ही डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। बैंक का अपना आईएफएसई कोड शुरू हो गया है। इसमें डॉक्युमेंट मैनेजमेंट सिस्टम, कॉल सेंटर, बिजनेस इंटेलीजेंस एवं बिजनेस एनालिटिक्स टूल का भी समायोजन किया जाएगा। बैंक को पूरी तरह से डिजिटल मोड पर चलाने की तिथि 31 मार्च 2020 तय की गई है।
अपर आयुक्त व अपर निबंधक आंद्रे वामसी ने कहा कि बैंक का अपना आईएफएसई कोड होने से अब किसानों को भुगतान करना आसान हो गया है। इससे बैंक का व्यवसाय और ऋण वसूली में तेजी आएगी।
अब बैंक अपने प्लेटफार्म से आरटीजीएस, एनईएफटी, सीटीएस, सिस्टम ऑडिट, आईएस ऑडिट, माइग्रेशन ऑडिट, वीएपीटी, बैकअप कनेक्टिविटी, जीएपी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, एयूए/केयूए, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, भीम एप जैसी डिजिटल पेमेंट सेवा संचालित कर सकेगा। इस पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति शासन स्तर पर प्रस्तावित है।
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वामसी ने बताया कि तकनीक अपग्रेडेशन और आधुनिकीकरण के लिए 35.35 करोड़ की आर्थिक सहायता का प्रस्ताव है। इसमें 10 करोड़ रुपये साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर, सात करोड़ रुपये आईटी कंसलटेंट व 35 हजार रुपये प्रति बैंक साइबर इंश्योरेंस प्रीमियम की दर से 50 जिला सहकारी बैंकों को 17.89 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
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अपर आयुक्त व अपर निबंधक आंद्रे वामसी ने कहा कि बैंक का अपना आईएफएसई कोड होने से अब किसानों को भुगतान करना आसान हो गया है। इससे बैंक का व्यवसाय और ऋण वसूली में तेजी आएगी।
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अब बैंक अपने प्लेटफार्म से आरटीजीएस, एनईएफटी, सीटीएस, सिस्टम ऑडिट, आईएस ऑडिट, माइग्रेशन ऑडिट, वीएपीटी, बैकअप कनेक्टिविटी, जीएपी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, एयूए/केयूए, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, भीम एप जैसी डिजिटल पेमेंट सेवा संचालित कर सकेगा। इस पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति शासन स्तर पर प्रस्तावित है।
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वामसी ने बताया कि तकनीक अपग्रेडेशन और आधुनिकीकरण के लिए 35.35 करोड़ की आर्थिक सहायता का प्रस्ताव है। इसमें 10 करोड़ रुपये साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर, सात करोड़ रुपये आईटी कंसलटेंट व 35 हजार रुपये प्रति बैंक साइबर इंश्योरेंस प्रीमियम की दर से 50 जिला सहकारी बैंकों को 17.89 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।