मैगी मामले में अमिताभ, प्रीति जिंटा और माधुरी भी आए लपेटे में
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बाराबंकी के वकील संतोष कुमार ने शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यदेव गुप्ता की अदालत में अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित, प्रीति जिंटा और मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया गुड़गांव के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पर केस दर्ज कराया।
इस मामले की सुनवाई 19 जून को होगी। परिवादी का आरोप है कि नेस्ले कंपनी अपने उत्पाद मैगी की बिक्री को बढ़ाने और सफल बनाने के लिए छल कपट और धोखाधड़ी कर अमिताभ, माधुरी और प्रीति से प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है।
इसके बदले में तीनों नेस्ले कंपनी से पैसे ले रहे हैं। सेहत के लिए खतरनाक मैगी जैसे उत्पाद का प्रचार कर लोगों के भरोसे की उपेक्षा कर रहे हैं। यह आपराधिक कृत्य है और लोगों के स्वास्थ्य को कुप्रभावित करने के कारण अति संवेदनशील और गंभीरतम श्रेणी का है।
किन धाराओं में लगे आरोप
धारा 109 : किसी अपराध के लिए बढ़ावा देना।
धारा 272 : विक्रय के लिए खाद्य पदार्थ में मिलावट।
धारा 273 : अखाद्य/अपेय पदार्थ को बेचना।
धारा 419 : छल करके बिक्री।
धारा 420 : धोखाधड़ी से बेचना।
दो मिनट में जाने मैगी की गड़बड़ी
- बाराबंकी के ईजी-डे शॉपिंग मॉल से एफएसडीए ने बीते 10 मार्च को मैगी का नमूना जांच के लिए गोरखपुर भेजा था। इसमें मानक से काफी ज्यादा लेड (शीशा) के मिलावट की पुष्टि हुई।
- जांच में पाया गया कि पैकेट पर जो भी घोषणाएं अंकित की गई हैं वे नियमानुसार नहीं हैं। पैकेजिंग और लेवलिंग में भी नियमों को धता बताया गया है।
- इसमें मोनो सोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी) की मिलावट पाई गई जो पैकिंग पर नहीं लिखी हुई थी।
- नेस्ले इंडिया के प्रतिनिधि डीएच कोटक की अपील पर कोलकाता की लैब से नमूनों की फिर जांच कराई गई। इसमें भी गड़बड़ियों की पुष्टि हुई।
- इस पर सक्षम अधिकारी ने शॉपिंग मॉल का खान-पान की वस्तुओं की बिक्री का लाइसेंस निलंबित कर दिया था।