अब दलाल नहीं ले पाएगा तत्काल की टिकट, पढ़िए पूरी खबर
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दलालों और रेलकर्मियों की साठगांठ के कारण तत्काल टिकट के गोरखधंधे की हर पल निगरानी अब खुफिया कैमरों से की जाएगी। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन अपने सभी रेल आरक्षण केंद्रों पर खुफिया कैमरे लगाएगा।
चारबाग स्टेशन के हॉल में रेलवे ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में दो कैमरे लगाए हैं। वहीं रेलवे विजिलेंस और आरपीएफ टीम अब रोजाना यात्रियों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करेगी जिससे आरक्षण कराने बार -बार आने वाले दलालों को चिन्हित किया जा सके।
गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही सभी ट्रेनों में तत्काल कोटे के रेल आरक्षण की मारामारी शुरू हो गई है। लोग रात दो बजे से सभी आरक्षण केंद्रों के बाहर तत्काल कोटे के आरक्षण के लिए लाइन लगा रहे हैं।
पुष्पक एक्सप्रेस का पहले नंबर पर भी कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। वहीं पहला नंबर हथियाने के लिए दलाल और आरपीएफ की मिलीभगत से कई रेल आरक्षण केंद्रों पर यह गोरखधंधा कई साल से चल रहा है।
बार-बार टिकट बनवाने वालों पर होगी रेलवे की नजर
गर्मियों में औसतन 13 से 14 हजार सीटों का तत्काल टिकट जारी होता है। इनमें आरक्षण केंद्रों पर ही औसतन छह से सात हजार टिकट बन जाते हैं। दलालों पर अंकुश को रेल आरक्षण केंद्रों पर भी खुफिया कैमरे लगेंगे।
चारबाग के मुख्य रेल आरक्षण केंद्र के भीतरी हिस्से में पहले से खुफिया कैमरा लगा था। अब रेलवे ने यात्री हॉल में भी दो कैमरे लगा दिए हैं। इससे रेल आरक्षण केंद्र के सभी काउंटरों पर निगरानी की जा सकेगी।
बार-बार टिकट बनवाने को आने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखेगा। कैमरों को रेलवे के सिक्योरिटी रूम से जोड़ा गया है। इस कंट्रोल रूम को डीआरएम कार्यालय से भी जोड़ने की तैयारी है। पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने पर आलमनगर, मानकनगर, एसजीपीजीआई और लोको वर्कशॉप रेल आरक्षण केंद्रों को भी खुफिया कैमरों से जोड़ा जाएगा।
हर यात्री की होगी वीडियोग्राफी
आरपीएफ और विजिलेंस की टीम प्रतिदिन तत्काल के समय बाहर लाइन लगाने और फिर भीतर काउंटर पर टिकट बनवाने के समय हर यात्री की वीडियोग्राफी करेगी। इसके लिए आरपीएफ जवानों को वीडियो कैमरे उपलब्ध करा दिए गए हैं। वीडियोग्राफी का डाटा प्रतिदिन सुरक्षित रखा जाएगा।
रेलवे अपने वीआईपी और खास लोगों के लिए बनाए गए काउंटरों पर खास नजर रखेगा। चारबाग के 601 और 602 के अलावा 616 नंबर काउंटर पर लाइन लगाने वाले यात्रियों केआवेदन पत्रों और उनके साथ लगाने वाले आईडी की औचक जांच की जाएगी। जिससे फर्जी तरीके से विशिष्ट तरह की आईडी बनवाकर उनकी मदद से तत्काल टिकट का मामला पकड़ा जा सके।
रेलवे के सीनियर डीसीएम अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि तत्काल के समय विशेष सतर्कता बरतने के लिए चारबाग रेल आरक्षण केंद्र पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर खुफिया कैमरे लगाए गए हैं और हर एक यात्री की वीडियोग्राफी हो रही है। जल्द ही इसे लखनऊ के अन्य सभी रेल आरक्षण केंद्रों से भी जोड़ दिया जाएगा।