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Lucknow News: लखनऊ में गृहकर के बड़े बकायेदारों के खिलाफ अब शुरू होगी कार्रवाई
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लखनऊ। बड़े गृहकर बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन अब कुर्की और सीलिंग की कार्रवाई शुरू करेगा। इसके लिए सोमवार को विशेष समीक्षा बैठक भी होगी, जिसमें गृहकर से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी बड़े बकायेदारों की पूरी रिपोर्ट पेश करेंगे।
पिछले महीने दशहरा व दीपावली से पहले बड़े बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम ने सीलिंग और कुर्की के नोटिस जारी कर इनका प्रकाशन तो कराया, लेकिन अभी किसी पर कार्रवाई नहीं की। इन्हें बकाया टैक्स जमा करने का मौका इस तरह दिया गया कि दीपावली का त्योहार गुजर जाए। अब त्योहार के बाद निगम प्रशासन 50 हजार रुपये से अधिक के सभी बकायेदारों के खिलाफ सख्ती शुरू करेगा। इसमें बिल, नोटिस और कुर्की का नोटिस जारी होने के बाद बकाया टैक्स जमा नहीं करने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई होगी। वहीं उन लोगों की संपत्तियों को नीलाम भी किया जाएगा जो सीलिंग की कार्रवाई के बाद भी बकाया टैक्स जमा नहीं करेंगे।
3.50 लाख लोगों ने ही जमा किया टैक्स
नगर निगम के रिकॉर्ड में करीब 6.50 लाख भवनस्वामी दर्ज हैं। अप्रैल से अक्तूबर के बीच इनमें से करीब 3.50 लाख लोगों ने ही गृहकर जमा किया है। करीब 40 हजार भवनस्वामी ऐसे हैं, जिन्होंने नगर निगम का करीब 300 करोड़ रुपये गृहकर जमा नहीं किया है। चालू वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने 621 करोड़ रुपये गृहकर वसूली का लक्ष्य बजट में प्रस्तावित किया है, जिसमें से अब तक करीब 300 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। बाकी करीब 321 करोड़ की वसूली 31 मार्च तक करनी होगी।
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इधर, रिटायरमेंट से पहले बाबू ने कर दिया खेल
नगर निगम जोन एक में पिछले महीने रिटायर हुए एक बाबू ने नामांतरण की फीस जमा कराने में खेल कर दिया है। इससे गलत दस्तावेजों के सहारे नामांतरण कराने वालों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। मामला लालकुआं वार्ड का है, जहां पिछले महीने सेवानिवृत्त हुए लिपिक ने बिना जोनल अधिकारी की अनुमति के ही नीलम कोहली व अन्य की ओर से किए गए ऑनलाइन आवेदन पर एक बड़ी बिल्डिंग के नामांतरण का शुल्क जमा करा लिया। खास बात यह है कि इस बिल्डिंग को बेचने वाले सात लोग है, जबकि निगम में दो का ही नाम दर्ज है। बाकी पांच का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
कार्रवाई से बचना है तो जमा कर दें टैक्स
बिल और डिमांड नोटिस जारी करने के बाद जो बड़े बकायेदार टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कुर्की और सीलिंग की कार्रवाई के लिए नोटिसों का प्रकाशन समाचार पत्रों में भी कराया जा रहा है। अब दीपावली का त्योहार हो संपन्न हो गया है। ऐसे में बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होगी। जो लोग कार्रवाई से बचना चाहते हैं वे अपना टैक्स जमा कर दें।
अशोक सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी नगर निगम
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पिछले महीने दशहरा व दीपावली से पहले बड़े बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम ने सीलिंग और कुर्की के नोटिस जारी कर इनका प्रकाशन तो कराया, लेकिन अभी किसी पर कार्रवाई नहीं की। इन्हें बकाया टैक्स जमा करने का मौका इस तरह दिया गया कि दीपावली का त्योहार गुजर जाए। अब त्योहार के बाद निगम प्रशासन 50 हजार रुपये से अधिक के सभी बकायेदारों के खिलाफ सख्ती शुरू करेगा। इसमें बिल, नोटिस और कुर्की का नोटिस जारी होने के बाद बकाया टैक्स जमा नहीं करने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई होगी। वहीं उन लोगों की संपत्तियों को नीलाम भी किया जाएगा जो सीलिंग की कार्रवाई के बाद भी बकाया टैक्स जमा नहीं करेंगे।
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3.50 लाख लोगों ने ही जमा किया टैक्स
नगर निगम के रिकॉर्ड में करीब 6.50 लाख भवनस्वामी दर्ज हैं। अप्रैल से अक्तूबर के बीच इनमें से करीब 3.50 लाख लोगों ने ही गृहकर जमा किया है। करीब 40 हजार भवनस्वामी ऐसे हैं, जिन्होंने नगर निगम का करीब 300 करोड़ रुपये गृहकर जमा नहीं किया है। चालू वित्तीय वर्ष में नगर निगम ने 621 करोड़ रुपये गृहकर वसूली का लक्ष्य बजट में प्रस्तावित किया है, जिसमें से अब तक करीब 300 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। बाकी करीब 321 करोड़ की वसूली 31 मार्च तक करनी होगी।
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इधर, रिटायरमेंट से पहले बाबू ने कर दिया खेल
नगर निगम जोन एक में पिछले महीने रिटायर हुए एक बाबू ने नामांतरण की फीस जमा कराने में खेल कर दिया है। इससे गलत दस्तावेजों के सहारे नामांतरण कराने वालों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। मामला लालकुआं वार्ड का है, जहां पिछले महीने सेवानिवृत्त हुए लिपिक ने बिना जोनल अधिकारी की अनुमति के ही नीलम कोहली व अन्य की ओर से किए गए ऑनलाइन आवेदन पर एक बड़ी बिल्डिंग के नामांतरण का शुल्क जमा करा लिया। खास बात यह है कि इस बिल्डिंग को बेचने वाले सात लोग है, जबकि निगम में दो का ही नाम दर्ज है। बाकी पांच का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
कार्रवाई से बचना है तो जमा कर दें टैक्स
बिल और डिमांड नोटिस जारी करने के बाद जो बड़े बकायेदार टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कुर्की और सीलिंग की कार्रवाई के लिए नोटिसों का प्रकाशन समाचार पत्रों में भी कराया जा रहा है। अब दीपावली का त्योहार हो संपन्न हो गया है। ऐसे में बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होगी। जो लोग कार्रवाई से बचना चाहते हैं वे अपना टैक्स जमा कर दें।
अशोक सिंह, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी नगर निगम