{"_id":"688fc414d3fb0471d60695e4","slug":"now-4000-pathology-tests-will-be-done-in-one-hour-in-pgi-lucknow-news-c-13-1-vns1028-1323641-2025-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: पीजीआई में अब एक घंटे में होंगी 4000 पैथोलॉजी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: पीजीआई में अब एक घंटे में होंगी 4000 पैथोलॉजी जांच
विज्ञापन
संजय गांधी पीजीआई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में प्रदेश की पहली पूर्ण स्वचालित पैथोलॉजी लैब की शुरुआत की गई है। इस लैब में सिर्फ सैंपल देने होंगे। जांच के लिए सैंपल तैयार करने और रिपोर्ट देने का काम मिनटों में होगा। इससे जांच में तेजी आएगी और रिपोर्ट में सटीकता बढ़ेगी।
पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने बताया कि यह प्रदेश की पहली पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला है। इसमें एक घंटे में चार हजार जांच की जा सकती है। अभी तक लैब तकनीशियनों को नमूने खुद तैयार करने, उन्हें छांटने और परीक्षण करने पड़ते थे। इसमें काफी समय लगता था। गलतियों की आशंका भी रहती थी। अब ये सभी काम रोबोट और मशीनों से होंगे। नई तकनीक के बाद जल्द रिपोर्ट मिलेगी, परिणाम और सटीक होंगे और सुरक्षा भी ज्यादा होगी। पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज जैन ने बताया कि यह प्रदेश की पहली और भारत की सबसे उन्नत प्रयोगशालाओं में से एक है। उन्होंने इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. राघवेंद्र की प्रशंसा की।
विज्ञापन
पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने बताया कि यह प्रदेश की पहली पूर्ण स्वचालित प्रयोगशाला है। इसमें एक घंटे में चार हजार जांच की जा सकती है। अभी तक लैब तकनीशियनों को नमूने खुद तैयार करने, उन्हें छांटने और परीक्षण करने पड़ते थे। इसमें काफी समय लगता था। गलतियों की आशंका भी रहती थी। अब ये सभी काम रोबोट और मशीनों से होंगे। नई तकनीक के बाद जल्द रिपोर्ट मिलेगी, परिणाम और सटीक होंगे और सुरक्षा भी ज्यादा होगी। पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज जैन ने बताया कि यह प्रदेश की पहली और भारत की सबसे उन्नत प्रयोगशालाओं में से एक है। उन्होंने इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. राघवेंद्र की प्रशंसा की।
विज्ञापन