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Lucknow News: जलभराव से नहीं मिल रहा छुटकारा, बेच रहे घर
Wed, 31 Jul 2024 05:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 31 Jul 2024 05:38 AM IST
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नगर पालिका क्षेत्र के महानंदपुर मोहल्ला में जल निकासी न होने से घरों के सामने सडक़ पर हुआ जलभराव
- फोटो : संवाद
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रायबरेली। शहर के महानंदपुर मोहल्ले के लोग जलभराव से परेशान हैं। नाली न होनेे के कारण घरों के अंदर गंदा पानी भरा रहता है। बारिश होने पर बाहर का पानी भी घरों में घुस जाता है। समस्या की सुनवाई न होने पर अब लोग घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। मोहल्ले में घर के बाहर पोस्टर चिपके हैं। इसमें लिखा है कि यह घर बिकाऊ है।
नगर पालिका के वार्ड 11 के मोहल्ला महानंदपुर में हालात बदतर हैं। जब से यह मोहल्ला बसा है, तभी से जलभराव की समस्या बनी हुई है। महानदंपुर मोहल्ला कहने के लिए तो नगर पालिका क्षेत्र का हिस्सा है, लेकिन यहां के हालात खराब हैं। जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिस कारण घरों में गंदा पानी जमा रहता है। इससे संक्रामक बीमारी फैलती हैं। न तो मोहल्ले में नाली बनाई गई और न ही जलनिकासी की कोई व्यवस्था की गई है।
इस मोहल्ले में करीब 55 मकान हैं। इन घरों से निकलने वाले पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। गंदा पानी एक जगह एकत्र होकर सड़ता है और इससे बीमारी फैलती है। साथ ही घरों के भीतर भी गंदा पानी भरा रहता है। समस्या से आजिज मोहल्ले के लोगों ने घरों को बेचने का फैसला किया है। इसकी चलते मकान मालिकों ने घर बिकाऊ है... का पोस्टर मुख्य गेट पर चस्पा कर दिया है।
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लोगों का कहना है कि कई बार समस्या के निस्तारण को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और नगर पालिका में गुहार लगाई गई लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। 2023 के नगर निकाय के चुनाव के दौरान लोगों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियोंं के आश्वासन पर मतदान किया गया था।
नहीं निकाला जा रहा स्थायी समाधान
मोहल्ले में जब पानी अधिक भर जाता है तो पंप सेट लगवा कर पानी को निकाला जाता है। स्थायी समाधान की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। 2017 में लगातार बारिश के दौरान यह मोहल्ला टापू बन गया था। कई दिनों तक शहर से कटा रहा था। पंप सेट से पानी निकालने में दस दिन लग गए थे।
पूरे साल बनी रहती जलभराव की समस्या
मोहल्ले में काफी समय से निवास कर रहे प्रतीक यादव कहते हैं कि महानंदपुर तो किसी भी दशा से नगर पालिका का हिस्सा नहीं लगता है। यहां पर जलभराव की समस्या पूरे साल बनी रहती है। राम पाल का कहना है कि जलभराव से संक्रामक रोग फैलते हैं। गुड्डू यादव कहते हैं कि समस्या के निस्तारण को लेकर लोगों ने कई बार प्रदर्शन किया, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी।
मधू पांडेय ने बताया कि इस मोहल्ले में रहना मुश्किल है। मकान बनवाकर फंस गए हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। जलभराव और खराब सड़क से पैदल चलना मुश्किल है। मारुत त्रिपाठी का कहना है कि दस साल से समस्या बनी हुई है। घर से निकलना मुश्किल है। सीवर लाइन ने समस्या को और अधिक गंभीर कर दिया है।
सीवर लाइन से बढ़ी मुश्किल
मोहल्ले में सीवर लाइन बिछा दी गई है, लेकिन सड़क नहीं बनाई गई, जिससे पैदल चलना मुश्किल है। लोग घरों के आगे सड़क को चलने लायक बनाने के लिए मिट्टी डलवा रहे हैं।
महानंदपुर मोहल्ले की समस्या गंभीर है। जल्द ही समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। पालिका के अधिकारी मोहल्ले के लोगों से बातचीत करेंगे।
- स्वर्ण सिंह, ईओ, नगर पालिका
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नगर पालिका के वार्ड 11 के मोहल्ला महानंदपुर में हालात बदतर हैं। जब से यह मोहल्ला बसा है, तभी से जलभराव की समस्या बनी हुई है। महानदंपुर मोहल्ला कहने के लिए तो नगर पालिका क्षेत्र का हिस्सा है, लेकिन यहां के हालात खराब हैं। जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिस कारण घरों में गंदा पानी जमा रहता है। इससे संक्रामक बीमारी फैलती हैं। न तो मोहल्ले में नाली बनाई गई और न ही जलनिकासी की कोई व्यवस्था की गई है।
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इस मोहल्ले में करीब 55 मकान हैं। इन घरों से निकलने वाले पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। गंदा पानी एक जगह एकत्र होकर सड़ता है और इससे बीमारी फैलती है। साथ ही घरों के भीतर भी गंदा पानी भरा रहता है। समस्या से आजिज मोहल्ले के लोगों ने घरों को बेचने का फैसला किया है। इसकी चलते मकान मालिकों ने घर बिकाऊ है... का पोस्टर मुख्य गेट पर चस्पा कर दिया है।
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लोगों का कहना है कि कई बार समस्या के निस्तारण को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और नगर पालिका में गुहार लगाई गई लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। 2023 के नगर निकाय के चुनाव के दौरान लोगों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियोंं के आश्वासन पर मतदान किया गया था।
नहीं निकाला जा रहा स्थायी समाधान
मोहल्ले में जब पानी अधिक भर जाता है तो पंप सेट लगवा कर पानी को निकाला जाता है। स्थायी समाधान की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। 2017 में लगातार बारिश के दौरान यह मोहल्ला टापू बन गया था। कई दिनों तक शहर से कटा रहा था। पंप सेट से पानी निकालने में दस दिन लग गए थे।
पूरे साल बनी रहती जलभराव की समस्या
मोहल्ले में काफी समय से निवास कर रहे प्रतीक यादव कहते हैं कि महानंदपुर तो किसी भी दशा से नगर पालिका का हिस्सा नहीं लगता है। यहां पर जलभराव की समस्या पूरे साल बनी रहती है। राम पाल का कहना है कि जलभराव से संक्रामक रोग फैलते हैं। गुड्डू यादव कहते हैं कि समस्या के निस्तारण को लेकर लोगों ने कई बार प्रदर्शन किया, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी।
मधू पांडेय ने बताया कि इस मोहल्ले में रहना मुश्किल है। मकान बनवाकर फंस गए हैं। कोई सुनने वाला नहीं है। जलभराव और खराब सड़क से पैदल चलना मुश्किल है। मारुत त्रिपाठी का कहना है कि दस साल से समस्या बनी हुई है। घर से निकलना मुश्किल है। सीवर लाइन ने समस्या को और अधिक गंभीर कर दिया है।
सीवर लाइन से बढ़ी मुश्किल
मोहल्ले में सीवर लाइन बिछा दी गई है, लेकिन सड़क नहीं बनाई गई, जिससे पैदल चलना मुश्किल है। लोग घरों के आगे सड़क को चलने लायक बनाने के लिए मिट्टी डलवा रहे हैं।
महानंदपुर मोहल्ले की समस्या गंभीर है। जल्द ही समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। पालिका के अधिकारी मोहल्ले के लोगों से बातचीत करेंगे।
- स्वर्ण सिंह, ईओ, नगर पालिका