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मानकों का उड़ रहा मजाक, प्रदेश के 42 ट्रॉमा सेंटरों में नहीं है एक भी फार्मासिस्ट की तैनाती

Sat, 31 Aug 2019 03:49 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Sat, 31 Aug 2019 03:49 PM IST
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not a single pharmacist deployed at 42 trauma centers in state
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : shutterstock
स्वास्थ्य विभाग बिना फार्मासिस्ट के ही प्रदेश के 42 ट्रॉमा सेंटरों का संचालन कर रहा है। वहीं, 100, 200, 300 और 500 बेड के अस्पतालों में भी फार्मासिस्टों की तैनाती में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। आलम ये है कि ट्रॉमा सेंटरों में फार्मासिस्टों को संबद्ध कर काम चलाया जा रहा है, जबकि पदों के सृजन की फाइल एक साल से वित्त विभाग में अटकी है। 
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अधिकारियों की मानें तो राजभवन में 24 घंटे की डिस्पेंसरी में एक ही पद सृजित है, जबकि यहां कम से कम तीन फार्मासिस्ट चाहिए। स्वास्थ्य महानिदेशालय और जवाहर भवन की डिस्पेंसरी के लिए पद ही सृजित नहीं हैं। ऐसे में इन डिस्पेंसरी में संबद्धता से ही दवाएं बंटवाई जा रही हैं। लोकबंधु राजनारायण अस्पताल 100 बेड और दो फार्मासिस्ट की तैनाती के साथ शुरू हुआ था। अब अस्पताल 300 बेड का हो चुका है, पर नए पद सृजित नहीं किए गए। 
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यह हैं मानक

शासनादेश के अनुसार 100 बेड के अस्पताल में आठ फार्मासिस्ट और दो चीफ फार्मासिस्ट की तैनाती का मानक है, लेकिन ये नियम नए अस्पतालों में ही लागू हैं। पुराने में दो फार्मासिस्ट ही ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक सेवाएं दे रहे हैं। इसी तरह 50 बेड पर इनडोर सेवाओं के लिए एक फार्मासिस्ट और ओपीडी में 100 मरीज पर एक फार्मासिस्ट का मानक है, पर इस समय इनडोर, ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं के लिए पर्याप्त फार्मासिस्ट ही नहीं है।
 
लगभग पांच हजार फार्मासिस्टों की जरूरत
राजकीय फार्मासिस्ट महासंघ के अध्यक्ष सुनील यादव के अनुसार, यदि प्रदेश के सभी अस्पतालों का आंकलन किया जाए तो 100 बेड के शासनादेश को मानक मानते हुए तत्काल अतिरिक्त चार से पांच हजार फार्मासिस्टों की जरूरत है। फार्मेसी काउंसिल में लगभग 92 हजार पंजीकृत फार्मासिस्ट हैं। इनमें से आठ हजार सरकारी सेवाओं में, आठ हजार निजी सेक्टर में और शेष बेरोजगार हैं।  

फार्मासिस्टों के पदों के सृजन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वित्त विभाग से अनुमति मिलते ही ट्रॉमा सेंटर के लिए पदों का सृजन हो जाएगा। अस्पतालों के लिए फार्मासिस्टों के पदों के लिए समीक्षा की जाएगी। -डॉ. पद्माकर सिंह, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य
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