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पांच साल में जारी ही नहीं हुआ बीट से संबंधित एक भी सर्कुलर, इसी सप्ताह भेजा जाएगा प्रस्ताव
Mon, 02 Dec 2019 10:17 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 02 Dec 2019 10:17 AM IST
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यूपी में बीते सात सालों में बीट व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कोई सर्कुलर ही नहीं जारी किया गया। आल इंडिया पुलिस साइंस कांग्रेस के दौरान बीट व्यवस्था सुधारने पर जब दोनों मुख्य अतिथियों ने जोर दिया तो डीजीपी मुख्यालय सक्रिय हुआ।
डीजीपी के निर्देश पर जब पूर्व जारी सर्कुलर की तलाश शुरु हुई तो बीते सात सालों में एक भी सर्कुलर बीट व्यवस्था सुधारने या बदलाव करने केसंबंध में नहीं मिला। बीट से संबंधित आखिरी सर्कुलर 30 मई 2013 को जारी किया गया था जिसमें मोहल्ला व ग्राम के बीटवार विवाद रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए गए थे।
यह निर्देश तत्कालीन डीजीपी देवराज नागर की ओर से जारी किए गए थे। उसके अलावा एक भी बीट से संबंधित सर्कुलर या निर्देश डीजीपी मुख्यालय से जारी नहीं किए गए। डीजीपी मुख्यालय के एक सूत्र ने बताया कि बीट व्यवस्था सुधारने के लिए यूपी की अब तक की व्यवस्था और उससे संबंधित समय समय पर जारी सर्कुलर का अध्ययन करने के लिए सेक्शन में सर्कुलर तलाश किए गए तो 2012 से अब तक कोई ऐसा सर्कुलर ही नहीं मिला।
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जिसके बाद अब दूसरे राज्यों की सफल बीट व्यस्था का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें चंडीगढ़ के अलावा दिल्ली का बीट सिस्टम शामिल है। चंडीगढ़ के मॉडल का सुझाव गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था जबकि दिल्ली केमॉडल का सुझाव पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी ने दिया था।
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डीजीपी के निर्देश पर जब पूर्व जारी सर्कुलर की तलाश शुरु हुई तो बीते सात सालों में एक भी सर्कुलर बीट व्यवस्था सुधारने या बदलाव करने केसंबंध में नहीं मिला। बीट से संबंधित आखिरी सर्कुलर 30 मई 2013 को जारी किया गया था जिसमें मोहल्ला व ग्राम के बीटवार विवाद रजिस्टर बनाने के निर्देश दिए गए थे।
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यह निर्देश तत्कालीन डीजीपी देवराज नागर की ओर से जारी किए गए थे। उसके अलावा एक भी बीट से संबंधित सर्कुलर या निर्देश डीजीपी मुख्यालय से जारी नहीं किए गए। डीजीपी मुख्यालय के एक सूत्र ने बताया कि बीट व्यवस्था सुधारने के लिए यूपी की अब तक की व्यवस्था और उससे संबंधित समय समय पर जारी सर्कुलर का अध्ययन करने के लिए सेक्शन में सर्कुलर तलाश किए गए तो 2012 से अब तक कोई ऐसा सर्कुलर ही नहीं मिला।
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जिसके बाद अब दूसरे राज्यों की सफल बीट व्यस्था का अध्ययन किया जा रहा है। इसमें चंडीगढ़ के अलावा दिल्ली का बीट सिस्टम शामिल है। चंडीगढ़ के मॉडल का सुझाव गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था जबकि दिल्ली केमॉडल का सुझाव पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी ने दिया था।
इसी सप्ताह भेजा जाएगा प्रस्ताव
सूत्रों का कहना है कि डीजीपी मुख्यालय बीट व्यवस्था में सुधार के लिए इसी सप्ताह एक विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजे गए। इसमें किन-किन चीजों को शामिल किया जाए, इसके लिए कानून व्यवस्था विंग के एक पुलिस अधीक्षक को लगाया गया है। डीजीपी पहले ही कह चुके हैं कि बीट स्तर पर भी पुलिस कर्मियों को सीयूजी नंबर उपलब्ध कराया जाएगा।
गृह मंत्री के सुझाव पर लखनऊ के अलीगंज थाने में सबसे पहले अमल
गृह मंत्री अमित शाह के सुझाव के बाद लखनऊ के अलीगंज थाने में सबसे पहले बीट व्यवस्था में सुधार का कदम उठाया गया है। एसएसपी के निर्देश पर थानाप्रभारी फरीद अहमद ने अलीगंज क्षेत्र में 40 बीट का न सिर्फ निर्धारण किया बल्कि सिपाही का नाम, उसके मोबाइल नंबर और लिंक सिपाही के मोबाइल नंबर के साथ सूची भी जारी कर दी।
क्षेत्र में सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया। एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी ने बताया कि लखनऊ में अलीगंज थाने से बीट व्यवस्था के सुधार की पहल की गई है। यहां पहले कुल 4 बीट ही थी, जिसे बढ़ाकर 40 कर दिया गया है। इसी तरह राजधानी में 290 से बढ़ाकर बीट की संख्या 3000 की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि डीजीपी मुख्यालय बीट व्यवस्था में सुधार के लिए इसी सप्ताह एक विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजे गए। इसमें किन-किन चीजों को शामिल किया जाए, इसके लिए कानून व्यवस्था विंग के एक पुलिस अधीक्षक को लगाया गया है। डीजीपी पहले ही कह चुके हैं कि बीट स्तर पर भी पुलिस कर्मियों को सीयूजी नंबर उपलब्ध कराया जाएगा।
गृह मंत्री के सुझाव पर लखनऊ के अलीगंज थाने में सबसे पहले अमल
गृह मंत्री अमित शाह के सुझाव के बाद लखनऊ के अलीगंज थाने में सबसे पहले बीट व्यवस्था में सुधार का कदम उठाया गया है। एसएसपी के निर्देश पर थानाप्रभारी फरीद अहमद ने अलीगंज क्षेत्र में 40 बीट का न सिर्फ निर्धारण किया बल्कि सिपाही का नाम, उसके मोबाइल नंबर और लिंक सिपाही के मोबाइल नंबर के साथ सूची भी जारी कर दी।
क्षेत्र में सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया। एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी ने बताया कि लखनऊ में अलीगंज थाने से बीट व्यवस्था के सुधार की पहल की गई है। यहां पहले कुल 4 बीट ही थी, जिसे बढ़ाकर 40 कर दिया गया है। इसी तरह राजधानी में 290 से बढ़ाकर बीट की संख्या 3000 की जा रही है।