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Lucknow News: सामने आया नूरी बाबा का पाकिस्तान प्रेम
Tue, 07 Jan 2025 01:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 07 Jan 2025 01:14 AM IST
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सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पाकिस्मान ध्वज के साथ नूरी बाबा का फोटो।
श्रावस्ती। कबाड़ी से मदरसा प्रबंधक और फिर जाली नोटों के कारोबार में जुटे नूरी बाबा का अब पाकिस्तान प्रेम सामने आया है। पाकिस्तानी खूफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ाव की आशंका की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आईबी भी उसकी रिपोर्ट तैयार कर रही है। सूत्रों के अनुसार रमजान माह में वह मुंबई में रहकर चंदा वसूलता था। इस बीच पश्चिम बंगाल व नेपाल में भी सक्रिय रहा।
मल्हीपुर क्षेत्र के लक्ष्मनपुर गंगापुर निवासी मुबारक अली उर्फ नूरी बाबा समय के अनुसार अपना पता व हुलिया बदलता रहा। कभी फकीर बनकर जकात मांगता, तो कभी रमजान माह में मुंबई जाकर मस्जिद व मदरसा निर्माण के नाम पर चंदा वसूलता था। तकरीर करने के लिए नेपाल और पश्चिम बंगाल तक पहुंच जाता।
उसके सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सात अक्तूबर 2017 की पोस्ट उसके पाकिस्तान प्रेम को भी उजागर कर रहा है। इसमें उसने पाकिस्तानी ध्वज के साथ अपनी फोटो पोस्ट की थी। आज भी उसके सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर यह पोस्ट मौजूद है। पुलिस अब उससे जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। उसके पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
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काले कारनामों को छिपाने के लिए खोला मदरसा
नूरी बाबा ने काले कारनामों को छिपाने के लिए गांव के ही पांच भाइयों से उनके हिस्से की जमीन खरीदकर मदरसा खोला, जिसकी आड़ में उसने जाली नोटों की छपाई भी शुरू कर दी। मदरसे की ही आड़ में उसने झाड़-फ़ूंक व दवाखाना भी शुरू कर दिया। गांव व क्षेत्र में अपने मृदुभाषी व सामान्य व्यवहार के कारण ही वह अब तक किसी की नजर में नहीं आ सका था।
दो जनवरी को बेनकाब हुआ नूरी बाबा
नूरी बाबा का काला कारोबार दो जनवरी को सामने आया। पुलिस ने भेसरी नहर पुल से तीन लोगों को जाली नोट, तमंचा व कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद मल्हीपुर क्षेत्र के लक्ष्मनपुर स्थित मदरसे से नूरी बाबा और उसके एक सहयोगी को पकड़ा गया। मौके से एक प्रिंटर, दो लैपटॉप, चार बोतल स्याही, 35,400 रुपये के जाली नोट व 14500 रुपये असली, 315 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो मदरसा भी अवैध मिला। नूरी बाबा के एक के बाद एक सभी कारनामे बेनकाब होने लगे। अब उसका पाकिस्तानी प्रेम सामने आया है।
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मल्हीपुर क्षेत्र के लक्ष्मनपुर गंगापुर निवासी मुबारक अली उर्फ नूरी बाबा समय के अनुसार अपना पता व हुलिया बदलता रहा। कभी फकीर बनकर जकात मांगता, तो कभी रमजान माह में मुंबई जाकर मस्जिद व मदरसा निर्माण के नाम पर चंदा वसूलता था। तकरीर करने के लिए नेपाल और पश्चिम बंगाल तक पहुंच जाता।
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उसके सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सात अक्तूबर 2017 की पोस्ट उसके पाकिस्तान प्रेम को भी उजागर कर रहा है। इसमें उसने पाकिस्तानी ध्वज के साथ अपनी फोटो पोस्ट की थी। आज भी उसके सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर यह पोस्ट मौजूद है। पुलिस अब उससे जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। उसके पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।
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काले कारनामों को छिपाने के लिए खोला मदरसा
नूरी बाबा ने काले कारनामों को छिपाने के लिए गांव के ही पांच भाइयों से उनके हिस्से की जमीन खरीदकर मदरसा खोला, जिसकी आड़ में उसने जाली नोटों की छपाई भी शुरू कर दी। मदरसे की ही आड़ में उसने झाड़-फ़ूंक व दवाखाना भी शुरू कर दिया। गांव व क्षेत्र में अपने मृदुभाषी व सामान्य व्यवहार के कारण ही वह अब तक किसी की नजर में नहीं आ सका था।
दो जनवरी को बेनकाब हुआ नूरी बाबा
नूरी बाबा का काला कारोबार दो जनवरी को सामने आया। पुलिस ने भेसरी नहर पुल से तीन लोगों को जाली नोट, तमंचा व कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद मल्हीपुर क्षेत्र के लक्ष्मनपुर स्थित मदरसे से नूरी बाबा और उसके एक सहयोगी को पकड़ा गया। मौके से एक प्रिंटर, दो लैपटॉप, चार बोतल स्याही, 35,400 रुपये के जाली नोट व 14500 रुपये असली, 315 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया तो मदरसा भी अवैध मिला। नूरी बाबा के एक के बाद एक सभी कारनामे बेनकाब होने लगे। अब उसका पाकिस्तानी प्रेम सामने आया है।