तीन और ब्रांडेड कंपनियों के नूडल्स जांच में फेल
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मैगी के बाद अब तीन और ब्रांडेड कंपनियों के नूडल्स भी जांच में फेल हो गए हैं। जांच रिपोर्ट के मुताबिक इनमें एश (भस्म) की मात्रा निर्धारित मानक से अधिक पाई गई है, जो शरीर पर बुरा प्रभाव डालती है।
रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने नूडल्स के विक्रेता व कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
बाराबंकी में एफएसडीए द्वारा चलाए गए अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय सिंह ने शहर के नाका पैसार स्थित एक मेगा मार्ट से नॉर सूपी, हॉरलिक्स फूडल्स मल्टीग्रेन और चिंग्स सेक्रेट हॉट ग्रेलिक इंसटेंट कंपनी के नूडल्स के नमूने लखनऊ की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे थे।
वहां से जो रिपोर्ट मिली उसके अनुसार तीनों कंपनियों के नूडल्स में भस्म की मात्रा 1.0 प्रतिशत से भी अधिक पाई गई है। जबकि यह 0.05 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। भस्म की मात्रा अधिक मिलने पर खाद्य विशेषज्ञ ने इन नूडल्स को सब स्टैंडर्ड घोषित किया है।
भस्म की मात्रा अधिक होने पर गुर्दे पर पड़ सकता है असर
मामले पर एफएसडीए के पदाभिहीत अधिकारी मनोज कुमार वर्मा का कहना है कि तीन कंपनियों के नूडल्स के नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है। इनमें भस्म की मात्रा एक प्रतिशत से अधिक पाई गई है। इस पर विक्रेता तथा इन कंपनियों को नोटिस भेजकर जवाब-तलब किया गया है।
खराब हो सकता है गुर्दा
बाराबंकी के सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार का कहना है कि किसी खाद्य पदार्थ में भस्म की मात्रा काफी ज्यादा होने पर गुर्दे पर असर पड़ता है। यदि नूडल्स में भस्म की मात्रा ज्यादा है तो इसका सेवन सेहत के लिए हानिकारक है। इसके नियमित सेवन से गुर्दा खराब भी हो सकता है।