अमनमणि के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, जानें- क्या है पूरा मामला
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ठेकेदार का अपहरण कर फिरौती वसूलने के मामले में गवाही देने के लिए हाजिर न होने पर निर्दलीय विधायक अमनमणि त्रिपाठी व संदीप त्रिपाठी खिलाफ एडीजे ए.के. रवि ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए नौ अक्तूबर की तारीख तय करते हुए दोनों आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया।
कोर्ट ने कहा कि मामले में गवाह ऋषि कुमार पांडेय कोर्ट में हाजिर हैं लेकिन आरोपी अमनमणि व संदीप गायब हैं। जबकि कोर्ट ने 16 सितम्बर को स्पष्ट आदेश दिया था कि आरोपी मंगलवार को व्यक्तिगत रूप से हाजिर हों। अमनमणि की ओर से हाजिरी माफी की अर्जी में कहा गया है कि गाजियाबाद की अदालत में गवाही के कारण वह आज नहीं आ सकता है।
इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि पहले से जानकारी होने के बावजूद उसने जानबूझकर गाजियाबाद की कोर्ट में आज की ही तारीख लगवा ली। जिससे इस मामले में कार्यवाही न हो सके। आरोपी अमनमणि इस मामले में प्रभावी ढंग से सहयोग नहीं कर रहा है। कोर्ट ने दूसरे आरोपी संदीप की भी हाजिरी माफी की अर्जी खारिज कर दी।
यह है मामला
वादी ऋषि कुमार पांडेय ने छह अगस्त 2014 को गौतमपल्ली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी बहु के साथ पत्नी का इलाज कराने आया था। जब वह आवास विकास परिषद के मुख्यालय के पास पहुंचा तो एसयूवी सवार अमनमणि और रवि ने अपने साथियों के साथ मिलकर हथियारों के बल पर उसका अपहरण कर लिया और एक लाख की फिरौती मांगी। पुलिस को सूचना देने पर आरोपी वीवीआईपी गेस्ट हाउस के पास वादी को छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दायर की थी जिस पर सुनवाई चल रही है।