Noida Violence: दिल्ली के विवादित विश्वविद्यालय के छात्रों और सियासी दल ने मजदूरों को भड़काया, जांच में खुलासा
नोएडा बवाल की जांच में एसटीएफ को दिल्ली के एक विवादित विश्वविद्यालय के छात्रों और एक राजनीतिक दल की संलिप्तता के सुराग मिले हैं। आरोप है कि इन्होंने मजदूरों को भड़काकर हिंसा कराई। मानेसर प्रदर्शन में भी इसी गुट की सक्रियता सामने आई है।
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नोएडा में हुए बवाल को भड़काने के पीछे दिल्ली के एक विवादित विश्वविद्यालय के छात्रों और एक सियासी दल के लोगों का हाथ था। जांच के दायरे में आए सियासी दल का जुड़ाव कुछ नक्सली संगठनों से भी है। शासन के निर्देश पर इस मामले की जांच कर रही एसटीएफ की जांच में इसके पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं। एसटीएफ इसमें शामिल लोगों को तेजी से चिन्हित कर रही है। जल्द ही उनको गिरफ्तार किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, नोएडा में बवाल शुरू होने के बाद दिल्ली के एक विश्वविद्यालय के छात्रों का एक गुट वहां पहुंचा, जिसने मजदूरों के गुस्से को भड़काया। इस गुट ने ही गाड़ियों में आग लगाई और पुलिस को निशाना बनाया। इसके अलावा एक राजनीतिक दल के समर्थक भी उनके साथ नोएडा गए थे, जिन्होंने मजदूरों को हिंसा के लिए उकसाया था।
पुलिस की सख्ती बढ़ने पर उन्होंने वापस दिल्ली का रुख किया लेकिन कुछ मेट्रो स्टेशन से उन्हें दबोच लिया गया। पूछताछ में उन्होंने कबूला कि उनका मकसद मजदूरों के प्रदर्शन को हिंसक रूप देना था।
मानेसर में भी भड़काई हिंसा
जांच में यह भी सामने आया कि इसी गुट ने हरियाणा के मानेसर में बीती 9 अप्रैल को हुए प्रदर्शन के दौरान लोगों को भड़काने का प्रयास किया था ताकि औद्योगिक क्षेत्र में दंगा भड़क जाए। एसटीएफ इस मामले में तमाम ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप को खंगाल रही है, जिनके जरिये मजदूरों को भड़काया गया था। इस गुट से जुड़े लोगों का नोएडा या मानेसर में प्रदर्शन करने वालों से कोई वास्ता नहीं था। एसटीएफ नोएडा और मानेसर की घटना में शामिल लोगों का मिलान जांच के दायरे में आए व्हाट्सएप ग्रुप से कर रही है।