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सीएम के पास पहुंची नोएडा फार्म हाउस घोटाले की रिपोर्ट
अनिल श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Tue, 12 Nov 2013 01:41 AM IST
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मायावती सरकार में नोएडा अथॉरिटी में तैनात रहे आला अधिकारियों ने फार्म हाउस आवंटन में चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए कायदे-कानून की जमकर धज्जियां उड़ाईं।
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मनमाने ढंग से फार्म हाउस के भूखंडों का आवंटन किया गया।
लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने मायावती सरकार के बहुचर्चित नोएडा फार्म हाउस घोटाले की जांच पूरी करके सोमवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेज दी है।
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हालांकि अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया है कि रिपोर्ट में किसे-किसे दोषी ठहराया गया है।
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भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि पिछली सरकार में नोएडा में तैनात रहे आधा दर्जन से ज्यादा आईएएस व पीसीएस अफसरों समेत कुछ अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद अगस्त 2012 में फार्म हाउस घोटाले की जांच लोकायुक्त को सौंपी गई थी।
यह जांच सपा सरकार बनने के बाद नोएडा के चेयरमैन बनाए गए राकेश बहादुर की एक रिपोर्ट के आधार पर सौंपी गई थी जिसमें कम मूल्य पर भूखंड आवंटित किए जाने से सरकार को 5000 करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही गई थी।
हालांकि जांच के दौरान 5000 करोड़ के घोटाले केआरोप सिद्ध नहीं हो पाए, लेकिन खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए आवंटन में धांधली और मनमाने ढंग से कायदे-कानून बनाए जाने की पुष्टि जरूर हुई।
कुल 153 फार्म हाउसों का आवंटन किया गया था। कुछ कंपनियों द्वारा फर्जी दस्तावेज के जरिये आवंटन कराने की भी पुष्टि हुई है।
लोकायुक्त ने रिपोर्ट काफी गुपचुप ढंग से सरकार को भेजी है और इस बारे में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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लोकायुक्त संगठन के सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट में पिछली सरकार में नोएडा अथॉरिटी में तैनात रहे कई आला अधिकारियों समेत आवंटन प्रक्रिया से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
रिपोर्ट में कुछ आवंटनों को रद्द करने की सिफारिश किए जाने की बात भी कही जा रही है।