'सिंगापुर की तर्ज पर विकसित होंगे नोएडा और ग्रेटर नोएडा, आईटी सेक्टर में मिलेंगे 45 हजार रोजगार'
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केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा को आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सिंगापुर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। केन्द्र सरकार ने यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन और टैगना इलेक्ट्रॉनिक्स के दो क्लस्टर स्वीकृत किए हैं। इसमें 7 हजार करोड़ का निवेश होगा और 45 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
एम 6 योजना में ओपो मोबाइल को कासना और सैमसंग इंडिया को ग्रेटर नोएडा में 6747 करोड़ रुपये की योजना की स्वीकृति दी गई है। रविशंकर बृहस्पतिवार को इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन ‘आईटी एंड आईटीईएस इन उत्तर प्रदेश सर्विंग द वर्ल्ड’ विषय पर आयोजित सत्र को सम्बोधित कर रहे थे।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्किल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, एजुकेशन, मैनेजमेंट और ग्लोबल कॉन्फ्रेंस सब चीजें उपलब्ध हैं। इसे सिंगापुर की तर्ज पर विकसित करने में केन्द्र सरकार पूरी मदद करेगी। कहा कि डिजिटल उप्र के बिना डिजिटल इंडिया की कल्पना नहीं की जा सकती। डिजिटल क्रांति में हम विश्व का नेतृत्व करना चाहते हैं।
सरकार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना चाहती है और आम आदमी को डिजिटल की दृष्टि से सशक्त बनाना चाहती है। उन्होंने कहा, डिजिटल गवर्नेंस ही गुड गवर्नेंस है। केन्द्र सरकार ने ई- जेम पोर्टल से डस्टबिन खरीदकर 32 करोड़ रुपये बचाए हैं। कहा कि यूपी में 83 हजार ग्राम पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर खुले हैं। इन्हें 9 हजार महिलाओं सहित कुल चार लाख लोग संचालित करते हैं। यह समिट उप्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
यूपी को दिए सुझाव
- यूपी में कॉमन सर्विस सेंटर को प्रोत्साहन दिया जाए।
- सैनेट्री नेपकिन यूनिट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
- मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया जाए।
- संजय गांधी पीजीआई में हेल्थकेयर पर मेडिकल तकनीक के माध्यम से सुधार का प्रस्ताव तैयार किया जाए।
यूपी को बनाएंगे आईटी का हब
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, उप्र में खासतौर से लखनऊ को सूचना प्रौद्योगिकी और उससे जुड़ी सेवाओं का हब बनाया जाएगा। समिट में 55,000 करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए हैं। इससे प्रदेश के सभी क्षेत्रों का आईटी की दृष्टि से विकास होगा। सरकार युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा निखार रही है।
कहा कि आईटी से सरकार के कामकाज में आमूलचूल परिवर्तन आया है। 1.45 लाख करोड़ के कार्यों के लिए ई-टेंडर हुए हैं। यूपी में 150 करोड़ का निवेश कर गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, बरेली व आगरा में आईटी सेंटर बनाए जा रहे हैं। इनमें 15,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
क्या बोले बड़ी कंपनियों के अफसर
सैमसंग इंडिया के दीपक भारद्वाज ने कहा, सैमसंग के इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल की डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक यूपी में होता है। हमारी कंपनी नोएडा में रेफ्रिजरेटर प्लांट की क्षमता बढ़ाएगी। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा।
महिन्द्रा ग्रुप के सुधीर बक्शी ने कहा, उनकी कंपनी जल्द ही यूपी में आईटी क्षेत्र में बड़ा निवेश करेगी। स्मार्ट स्किल प्रोग्राम पर उनका फोकस है। हमारा समूह गांवों में युवाओं को हेल्थकेयर का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने का प्रयास करेगा। एचसीएल के संजय गुप्ता ने कहा, विकास के लिए रोजगार सृजन जरूरी है। कौशल विकास के साथ युवाओं को रोजगार के अवसर भी देने होंगे। एसटीपीआई के ओंकार राय ने कहा, हम प्रदेश में साफ्टवेयर मूवमेंट को आगे बढ़ाएंगे। इंडिया पीपीओ प्रमोशन स्कीम के तहत यूपी में 8800 सीटों का पीपीओ सृजित किया गया है।