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16 सरकारी कॉलेज, पर एक भी टॉपर नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 26 May 2014 06:24 PM IST
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यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट के नतीजों ने एक बार फिर से सरकारी स्कूलों की पोल खोल दी है। इंटरमीडिएट के नतीजों में माध्यमिक शिक्षा विभाग फेल साबित हुआ है।
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जिले के टॉपर्स की सूची में राजकीय इंटर कॉलेज का एक भी छात्र नहीं है। सीतापुर जिले में 16 सरकारी कॉलेज हैं।
इस बार इंटरमीडिएट परीक्षा के घोषित परिणामों में प्राइवेट और सहायता प्राप्त कॉलेज राजकीय कॉलेजों से कहीं आगे निकल गए।
यहां तक कि गांजर के प्राइवेट कॉलेजों ने भी शहर के सरकारी कॉलेजों को पछाड़ दिया।
खास बात तो यह है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उनके कॉलेजों की प्रगति रिपोर्ट क्या है?
जिले में 277 इंटर कॉलेज हैं। इनमें 16 सरकारी कॉलेज शामिल हैं। बेहतर शिक्षा मुहैया कराने में सरकारी कॉलेजों को प्राइवेट और सहायता प्राप्त कॉलेजों ने पछाड़ दिया है।
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इस बात को इंटरमीडिएट के जारी नतीजों ने पुष्टि कर दिया है। जिले के टॉपर्स की सूची में सरकारी कॉलेज का नाम ढूंढे से भी नहीं मिल रहा।
जबकि टॉपर्स की सूची में प्राइवेट और सहायता प्राप्त कॉलेजों का ही दबदबा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की गैर जिम्मेदाराना रवैया देखिए।
विभाग के पास देर शाम तक इस बात की जानकारी ही नही थी, कि सरकारी कॉलेजों की प्रगति रिपोर्ट कैसी रही।
डीआईओएस डॉ. सच्चिदानंद यादव बताते हैं कि राजकीय कॉलेजों का रिजल्ट पता कराया जा रहा है।
उनसे हाईस्कूल व इंटर दोनों कक्षाओं के रिजल्ट मांगे जाएंगे। इसके बाद विभाग के निर्देशों के मुताबिक कार्रवाई होगी।