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50 प्रतिशत से कम नंबर लाए तो नहीं मिलेगी स्कॉलरशिप, शासन ने इन छात्रों के लिए बदले नियम

Sat, 09 Dec 2017 12:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 09 Dec 2017 12:08 PM IST
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no scholarship to the students scoring less than 50% marks
- फोटो : demo pic

शासन ने शुक्रवार को उप्र. अन्य पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक पिछड़े वर्ग को छोड़कर) दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति (पंचम संशोधन) नियमावली, 2017 जारी कर दी। संशोधित नियमावली के अनुसार स्नातक एवं परास्नातक स्तर के सभी तकनीकी पाठ्यक्रमों में अधिकतम 50 हजार रुपये ही शुल्क की प्रतिपूर्ति होगी।

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परास्नातक स्तर के गैर तकनीकी या व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए अधिकतम सीमा 30 हजार रुपये निर्धारित की गई है। तकनीकी डिप्लोमा कोर्सों के लिए शुल्क भरपाई की अधिकतम 20 हजार रुपये और एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्सों के लिए 10 हजार रुपये रखा गया है।
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जो निजी संस्थान अपनी फीस खुद तय करते हैं, उनके छात्रों को राज्य सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के नियमित पाठ्यक्रम की फीस के बराबर राशि का ही भुगतान किया जाएगा। अगर कोई छात्र किसी पाठ्यक्रम को बीच में छोड़कर किसी नए पाठ्यक्रम में प्रवेश लेता है, तो उसे नए पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में शुल्क की भरपाई नहीं की जाएगी।

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बजट के भी हिसाब से हो सकता बदलाव

no scholarship to the students scoring less than 50% marks
इस वर्ग के उन्हीं छात्रों को छात्रवृत्ति मिलेगी, जिन्होंने गत वर्ष की परीक्षा न्यूनतम 50 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो। संशोधित नियमावली में कहा गया है कि कक्षा-11 व 12 के अतिरिक्त दशमोत्तर पाठ्यक्रमों में अगर मानक के आधार पर रकम कम पड़ती है तो बजट सीमा में यह 50 प्रतिशत अंक से अधिक भी हो सकता है।

अगर धन बचता है तो कक्षा-11 व 12 के 50 फीसदी से कम अंक पाने वाले छात्रों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। इसी तरह से कक्षा-11 व 12 को छोड़कर अन्य दशमोत्तर पाठ्यक्रमों के उन छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ दिया जाएगा, जिन्होंने पिछली कक्षा में न्यूनतम 65 फीसदी अंक हासिल किए हों।

इस मद में बजट कम पड़ने पर न्यूनतम प्रतिशत 65 प्रतिशत से अधिक भी हो सकता है, वहीं बजट बचने पर न्यूनतम प्रतिशत 65 से कम भी हो सकता है, पर किसी भी दशा में यह 50 प्रतिशत अंक से कम नहीं होगा।  इसी तरह कक्षा-11 व 12 के वे छात्र भी शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ पा सकेंगे, जिन्होंने पिछली कक्षा में न्यूनतम 50 फीसदी अंक हासिल किए हों।
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