हार की समीक्षा करने तक से बच रहे हैं कांग्रेसी!
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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व हार की समीक्षा तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री तो चुनाव नतीजों के बाद से अब तक प्रदेश में नहीं आए। प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री ने पार्टी पदाधिकारियों की एक बैठक तक नहीं बुलाई।
लोकसभा चुनाव के नतीजे 16 मई को घोषित हुए। तब से अब तक प्रदेश के कांग्रेसी नेताओं ने अभी तक समीक्षा ही नहीं की है। जबकि प्रतिद्वंदी दल सपा व बसपा अपनी-अपनी हार की समीक्षा कर चुके हैं।
बसपा ने तो अपने संगठन में भी व्यापक फेरबदल किया है। सपा ने भी कई दर्जाधारी मंत्रियों को हटा दिया।
14 सांसद नहीं बचा पाए जमानत
दरअसल, कांग्रेस में सभी नेताओं की हालत एक जैसी है। इसलिए हार का ठीकरा किसके सिर फोड़ा जाए, समझ नहीं आ रहा है।
कांग्रेस ने इस बार मौजूदा 20 सांसदों को टिकट दिया था। इनमें रायबरेली से सोनिया गांधी व अमेठी से राहुल गांधी ही प्रदेश से जीत पाए हैं।
बाकी 18 सीटों में से 14 सांसद तो अपनी जमानत तक बचा पाने में विफल रहे। प्रदेश में कांग्रेस के 42 प्रत्याशी ऐसे हैं जो चौथे स्थान पर रहे हैं।
सूबे में कांग्रेस के नौ प्रत्याशी पांचवें स्थान पर रहे हैं। फिरोजाबाद से कांग्रेस प्रत्याशी तो महज 7447 वोट ही पा सके हैं। दो दर्जन से अधिक प्रत्याशी ऐसे हैं जो मात्र 10 हजार से लेकर 50 हजार वोटों के बीच में ही सिमट कर रह गए हैं। खुद प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री चौथे स्थान पर रहे।
किसे दें हार का दोष
कार्यकर्ताओं के गिरे मनोबल को भी उठाने के लिए कांग्रेसियों के पास फिलहाल कुछ नहीं है।
इस मामले पर कांग्रेस, प्रदेश प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल का कहना है कि हमने अपनी हार पहले ही मान ली है। रही पार्टी की समीक्षा करने की तो यह उचित समय पर होगी।
अभी हम जानकारियां जुटा रहे हैं। कांग्रेस वर्किंग कमेटी व संसदीय दल की बैठक हो चुकी है। अब प्रदेश समीक्षा होनी है। यह बहुत जल्द हो जाएगी।
ये रहा कांग्रेसियों का हाल
सहारनपुर-इमरान मसूद, गाजियाबाद-राजबब्बर, लखनऊ-रीता बहुगुणा जोशी, कानपुर-श्री प्रकाश जायसवाल, बाराबंकी-पीएल पुनिया व कुशीनगर-आरपीएन सिंह
तीसरे स्थान पर-
रामपुर-नवाब काजिम अली खां नवेद मियां, खीरी-जफर अली नकवी, प्रतापगढ़-रत्ना सिंह, वाराणसी-अजय राय व मिर्जापुर-ललितेशपति त्रिपाठी
चौथे स्थान पर- मुजफ्फरनगर-पंकज अग्रवाल, मेरठ-नगमा, अलीगढ़-चौधरी विजेंद्र सिंह, आंवला-सलीम इकबाल शेरवानी, बरेली-प्रवीण सिंह ऐरन, पीलीभीत-संजय कपूर, शाहजहांपुर-चेतराम, आगरा-उपेंद्र सिंह जाटव।
ये भी रहे चौथे स्थान पर
फिरोजाबाद-अतुल चतुर्वेदी, हरदोई-सर्वेश कुमार जनसेवक, फर्रूखाबाद-सलमान खुर्शीद, इटावा-हंसमुखी शंखवार, अकबरपुर-राजाराम पाल, धौरहरा-जितिन प्रसाद, सीतापुर-वैशाली अली, मिश्रिख-ओम प्रकाश रावत।
उन्नाव-अन्नू टंडन, मोहनलालगंज-नरेंद्र गौतम, जालौन-विजय चौधरी, झांसी-प्रदीप जैन आदित्य, हमीरपुर-प्रीतम सिंह लोधी, बांदा-विवेक सिंह, फतेहपुर-ऊषा मौर्या, सुल्तानपुर- अमिता सिंह, कौशांबी-महेंद्र गौतम, फूलपुर-मोहम्मद कैफ।
इलाहाबाद-नंद गोपाल गुप्ता नंदी, फैजाबाद-डॉ. निर्मल खत्री, अंबेडकरनगर-अशोक सिंह, बहराइच-कमल किशोर कमांडो, कैसरगंज-मुकेश श्रीवास्तव, गोंडा-बेनी प्रसाद वर्मा, बस्ती-अंबिका सिंह, महाराजगंज-हर्षवर्धन सिंह।
गोरखपुर-अष्टभुजा तिवारी, देवरिया-सभाकुंवर कुशवाहा, बांसगांव-संजय कुमार, लालगंज-बलिहारी बाबू, आजमगढ़-अरविंद जायसवाल, मछलीशहर-तूफानी निषाद, चंदौली-तरुण पटेल व राबर्ट्सगंज-भगौती चौधरी।
पांचवे स्थान पर रहने वाले प्रत्याशी
मुरादाबाद-बेगम नूरबानो, संभल-आर्चा प्रमोद कृष्णन, श्रावस्ती-विनय कुमार पांडेय, संतकबीरनगर-रोहित पांडेय।
भदोही-सरताज इमाम, डुमरियागंज-वसुंधरा कुमारी, घोसी-राष्टकुंवर सिंह, सलेमपुर-भोला पांडेय व बलिया-सुधा राय
छठे स्थान पर
जौनपुर-रवि किशन व गाजीपुर-मो. मकसूद खां।