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मोदी के मंत्री ने नहीं पूरा किया अटल बिहारी का सपना

Wed, 09 Jul 2014 12:16 PM IST
निशांत यादव/अमर उजाला, लखनऊ
निशांत यादव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 09 Jul 2014 12:16 PM IST
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no revenue for gomtinagar terminal

अटल बिहारी वाजपेयी के गोमतीनगर टर्मिनल के सपने को साकार करने के लिए भाजपा नेता और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की पैरवी भी काम नहीं आई।

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रेल मंत्री सदानंद गौड़ा ने राजनाथ के प्रस्ताव को अपने बजट में शामिल तो किया लेकिन 86 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के लिए केवल पचास लाख रुपये ही दिये।

इससे अधिक 2.5 करोड़ रुपये कांग्रेस सरकार ने फरवरी में पेश हुए अंतरिम रेल बजट में दिया था। शहरवासियों को भी रेल बजट में राजनाथ सिंह के भेजे गए प्रस्ताव पर बहुत उम्मीद थी।
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उधर, भाजपा सांसद कौशल किशोर के हरौनी और काकोरी में चंद ट्रेनों के ठहराव को भी रेलमंत्री ने ठुकरा दिया।

क्‍या कहा था राजनाथ ने

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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले दिनों रेलमंत्री को पत्र लिखकर गोमतीनगर टर्मिनल स्टेशन को तीन माह के भीतर विकसित करने की बात कही थी।

वर्ष 2003 में  तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गोमतीनगर के निवासियों के लिए गोमतीनगर टर्मिनल का शिलान्यास किया था।

उस समय रेलवे बोर्ड ने प्रधानमंत्री के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के पहले चरण के लिए 96 करोड़ रुपये स्वीकृत भी कर दिए थे।

प्रोजेक्ट पर कुछ बजट खर्च होने तक भाजपा सरकार चली गई और कांग्रेस सरकार ने योजना को बंद कर दिया।

दो साल पहले रेलवे ने एक बार फिर इस योजना पर काम शुरू किया और दो नए प्लेटफार्म और पैदल पुल का निर्माण 31 दिसंबर 2013 तक कर दिया।

86 करोड़ की जग मिले 55 लाख

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अगले चरण के दो नए प्लेटफार्म, वाशिंग पिट और नए स्टेशन भवन के निर्माण के लिए 86 करोड़ रुपये की जरूरत थी। कांग्रेस की यूपीए सरकार के फरवरी 2014 में पेश हुए अंतरिम बजट में 2.5 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गयी थी।

इस बार रेल बजट में इस महत्वपूर्ण प्रोजेेक्ट के लिए बजट मिलने की संभावना राजनाथ सिंह के पत्र भेजने के बाद जाग उठी थी। यहां तक कि राजनाथ सिंह के कार्यालय से उनके पत्र में शामिल मांगों की विज्ञप्ति भी जारी कर दी गई।

भाजपा की सरकार होने के बावजूद टर्मिनल के लिए केवल 50 लाख रुपये मिल सके। इसके अलावा ईएमयू कार शेड के लिए 55 लाख रुपये आवंटित हो सके हैं।

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राजनाथ सिंह ने की थी ये मांगे

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-तीन माह में गोमतीनगर टर्मिनल का काम हो पूरा
- गोमतीनगर टर्मिनल से दिल्ली, कटरा (जम्मू) और मुंबई के लिए चारबाग होकर ट्रेनें
- चारबाग स्टेशन और लखनऊ जंक्शन तक सबवे
- मेमू ट्रेनों की मरम्मत के लिए गोमतीनगर में ईएमयू कार शेड
- ऐशबाग स्टेशन से 500 मीटर मिसिंग लिंक जोड़कर ऐशबाग से मानकनगर तक बाईपास
- ऐशबाग से लखनऊ सिटी तक रकाबगंज होकर एक और लाइन
- अमौसी-पिपरसंड को चौक-डालीगंज-लखनऊ सिटी के साथ शहर के भीतरी हिस्से को जोड़ने के लिए उपनगरीय रिंग रेलवे
- रिंग रेलवे में विद्युतीकरण वाले शहर के सभी रेलखंड को मेमू ट्रेन के संचालन से जोड़ना
- हर पांच मिनट में रिंग रेलवे पर एक मेमू सेवा का संचालन

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