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Lucknow News: कोई धर्म नहीं करता अंगदान की मनाही
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पीजीआई में रविवार को हुए तीसरे अंगदान दिवस पर मौजूद धर्मगुरु व अन्य। स्रोत ः संस्थान
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लखनऊ। अंगदान से सिर्फ लोगों को जीवन दान दिया जा सकता है। दुनिया के सभी धर्म जीवन दान की बात करते हैं। कोई धर्म अंगदान की मनाही नहीं करता है। संजय गांधी पीजीआई में रविवार को हुए तीसरे अंगदान दिवस पर विभिन्न धर्म के गुरुओं ने यह संदेश दिया।
पीजीआई के नेफ्रोलाॅजी विभाग के प्रमुख प्रो. नारायण प्रसाद ने बताया कि नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांटेशन विभाग ने आलमबन एसोसिएट्स चैरिटेबल ट्रस्ट और स्टेट आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (एसओटीटीओ) की ओर से यह कार्यक्रम हुआ। इसके तहत एपेक्स ट्रॉमा सेंटर से वाकाथॉन आयोजित किया गया।
ओपन डोर्स एजी चर्च गोमती नगर एक्सटेंशन से असेंबली ऑफ गॉड ऑफ नॉर्थ इंडिया लीड पास्टर के समन्वित मंत्री पास्टन जेरी गिब्सन जॉय ने कहा कि यीशु मसीह ने मानवता की भलाई के लिए बलिदान किया। इसलिए मानव की भलाई के लिए अंग दान किया जाना चाहिए। दारुल-उलूम नदवतुल-उलमा के एम यूसुफ मुस्तफा नदवी ने कहा कि कई इस्लामी देश पहले से ही अंग दान और प्रत्यारोपण के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के सिद्धांत निषेध पर हावी होते हैं, विशेषकर तब जब किसी जीवन को बचाने की बात हो।
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गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा नाका हिंडोला के मुख्य पुजारी ज्ञानी गुरजिंदर सिंह ने कहा कि धर्म हमें बलिदान सिखाता है। इसलिए सिक्ख धर्म निस्वार्थ सेवा के एक रूप के रूप में अंग दान का समर्थन करता है। श्री राधारमण बिहारी इस्कॉन मंदिर के अपरिमेय श्याम दास ने कहा कि शरीर पांच तत्वों से बना है: पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश, और शरीर का हर अंग मृत्यु के बाद इन तत्वों में विलीन हो जाएगा। शरीर नश्वर है, लेकिन आत्मा अमर है, और यदि शरीर के अंगों का उपयोग लोगों के जीवन को बचाने के लिए किया जा सकता है, तो इसे दान किया जाना चाहिए।
संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने सभी को अंगदान के लिए प्रेरित किया। इस माैके पर आलमैब एसोसिएट्स चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष संदीप कुमार और सचिव सुजाता देव, ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ उदय प्रताप सिंह और डॉ. राजेश हर्षवर्धन उपस्थित रहे।
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पीजीआई के नेफ्रोलाॅजी विभाग के प्रमुख प्रो. नारायण प्रसाद ने बताया कि नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांटेशन विभाग ने आलमबन एसोसिएट्स चैरिटेबल ट्रस्ट और स्टेट आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (एसओटीटीओ) की ओर से यह कार्यक्रम हुआ। इसके तहत एपेक्स ट्रॉमा सेंटर से वाकाथॉन आयोजित किया गया।
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ओपन डोर्स एजी चर्च गोमती नगर एक्सटेंशन से असेंबली ऑफ गॉड ऑफ नॉर्थ इंडिया लीड पास्टर के समन्वित मंत्री पास्टन जेरी गिब्सन जॉय ने कहा कि यीशु मसीह ने मानवता की भलाई के लिए बलिदान किया। इसलिए मानव की भलाई के लिए अंग दान किया जाना चाहिए। दारुल-उलूम नदवतुल-उलमा के एम यूसुफ मुस्तफा नदवी ने कहा कि कई इस्लामी देश पहले से ही अंग दान और प्रत्यारोपण के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के सिद्धांत निषेध पर हावी होते हैं, विशेषकर तब जब किसी जीवन को बचाने की बात हो।
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गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा नाका हिंडोला के मुख्य पुजारी ज्ञानी गुरजिंदर सिंह ने कहा कि धर्म हमें बलिदान सिखाता है। इसलिए सिक्ख धर्म निस्वार्थ सेवा के एक रूप के रूप में अंग दान का समर्थन करता है। श्री राधारमण बिहारी इस्कॉन मंदिर के अपरिमेय श्याम दास ने कहा कि शरीर पांच तत्वों से बना है: पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश, और शरीर का हर अंग मृत्यु के बाद इन तत्वों में विलीन हो जाएगा। शरीर नश्वर है, लेकिन आत्मा अमर है, और यदि शरीर के अंगों का उपयोग लोगों के जीवन को बचाने के लिए किया जा सकता है, तो इसे दान किया जाना चाहिए।
संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने सभी को अंगदान के लिए प्रेरित किया। इस माैके पर आलमैब एसोसिएट्स चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष संदीप कुमार और सचिव सुजाता देव, ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ उदय प्रताप सिंह और डॉ. राजेश हर्षवर्धन उपस्थित रहे।