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Lucknow News: बिना पंजीकरण चल रहे निजी अस्पतालों पर जुर्माना तक नहीं
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लखनऊ। मरीजों की सेहत से खेल रहे निजी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग मेहरबान है। यह लापरवाही तब बरती जा रही है जब कई अस्पतालों में दूसरी विधा के डॉक्टर इलाज करते मिले थे। खास बात है कि कागजों पर यहां एमबीबीएस डॉक्टर तैनात थे। अफसरों ने बिना पंजीकरण चलते मिले अस्पतालों को भी सिर्फ नोटिस देकर खानापूर्ति कर ली। क्लीनिकल स्टेब्लिसमेंट एक्ट के तहत इन अस्पतालों पर जुर्माना लगना चाहिए था।
नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह ने मेडिकल अफसर डॉ. संदीप सिंह के साथ 17 फरवरी को दुबग्गा इलाके के दस निजी अस्पतालों पर छापा मारा था। इनमें से तीन अस्पताल जीवन ज्योति, मां वैष्णव और इंपल्स पंजीकरण तक नहीं दिखा सकते थे। बाद में इंपल्स अस्पताल प्रशासन ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर अपना पंजीकरण दिखाया था। बाकी दो अस्पतालों को नोटिस देकर मामला निपटा दिया गया। दस दिन बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं हुई है।
उधर, समीर, मुंबई, सरकार, निदान, एसआरएस, हर्बल और न्यू लखनऊ सिटी अस्पताल में डॉक्टर तक नहीं मिले थे। इस पर भी सिर्फ नोटिस ही दिया गया। आरोप है कि चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप सिंह ने सभी अस्पताल संचालकों को कार्यालय बुलाकर मामला निपटा दिया। अपर निदेशक लखनऊ मंडल से इसकी शिकायत हुई है। इससे पहले डॉ. संदीप ने काकोरी में अवैध क्लीनिकों पर छापा मारा था, जो एक-दो दिन बाद फिर से खुलवा दी गई थीं। इसका खुलासा जनवरी में हुई जांच में हुआ था। डॉ. एपी सिंह का कहना है कि कुछ अस्पतालों ने जवाब भेजा है। इसकी जांच के बाद अस्पतालों पर कार्रवाई होगी।
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नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह ने मेडिकल अफसर डॉ. संदीप सिंह के साथ 17 फरवरी को दुबग्गा इलाके के दस निजी अस्पतालों पर छापा मारा था। इनमें से तीन अस्पताल जीवन ज्योति, मां वैष्णव और इंपल्स पंजीकरण तक नहीं दिखा सकते थे। बाद में इंपल्स अस्पताल प्रशासन ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर अपना पंजीकरण दिखाया था। बाकी दो अस्पतालों को नोटिस देकर मामला निपटा दिया गया। दस दिन बाद भी इन पर कार्रवाई नहीं हुई है।
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उधर, समीर, मुंबई, सरकार, निदान, एसआरएस, हर्बल और न्यू लखनऊ सिटी अस्पताल में डॉक्टर तक नहीं मिले थे। इस पर भी सिर्फ नोटिस ही दिया गया। आरोप है कि चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप सिंह ने सभी अस्पताल संचालकों को कार्यालय बुलाकर मामला निपटा दिया। अपर निदेशक लखनऊ मंडल से इसकी शिकायत हुई है। इससे पहले डॉ. संदीप ने काकोरी में अवैध क्लीनिकों पर छापा मारा था, जो एक-दो दिन बाद फिर से खुलवा दी गई थीं। इसका खुलासा जनवरी में हुई जांच में हुआ था। डॉ. एपी सिंह का कहना है कि कुछ अस्पतालों ने जवाब भेजा है। इसकी जांच के बाद अस्पतालों पर कार्रवाई होगी।
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