राहत भरी खबर: कोरोना पर कसा शिकंजा, तीन दिन से लखनऊ में नहीं मिला कोई नया मरीज
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चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि हॉटस्पॉट इलाकों से पॉजिटिव मरीजों का न मिलना साबित करता है कि यहां की आबोहवा में कोरोना का असर नहीं है। लोग इसी तरह सावधानी बरतते रहे तो इसे खत्म करने में आसानी होगी।
वहीं, जो मरीज भर्ती हैं उनकी हालत में भी लगातार सुधार हो रहा है। शहर में अब तक कोरोना के 22 पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं, जिनमें से चार को अस्पताल से घर भेजा जा चुका है। इसके अलावा सात और मिले मरीज बाहरी जिलों व राज्यों के हैं।
दो अप्रैल को सहारनपुर निवासी 12 लोगों के राजधानी में रहने के दौरान कोरोना पॉजिटिव पाए जाने और फिर तीन अप्रैल को सात लोगों के पॉजिटिव पाए जाने से भय का माहौल बन गया था।
चार अप्रैल को 108 और पांच अप्रैल को 48 लोगों के नमूने लिए गए, इनमें से सिर्फ छह पॉजिटिव
चार अप्रैल को 108 और पांच अप्रैल को 48 लोगों के नमूने लिए गए। इनमें से सिर्फ छह पॉजिटिव मिले। ये सभी जमात में लौटे लोगों के क्लोज कांटेक्ट में थे। इसके बाद 12 हॉटस्पॉट इलाकों में जांच अभियान चलाया गया।
इस दौरान जो लोग भी क्लोज कांटेक्ट के पाए गए, उन्हें तत्काल क्वारंटीन किया गया। इसके बाद 63 लोगों में एक कैंट निवासी महिला पॉजिटिव पाई गई।
सात अप्रैल को 13 में से पांच के सैंपल पॉजिटिव मिले तो फिर हलचल मच गई। हालांकि, तीन दिनों से पॉजिटिव मरीजों के मिलने का सिलसिला थमता नजर आ रहा है।
दो दिन में 117 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि हालात सकारात्मक दिख रहे हैं, पर अभी बड़ी संख्या में लोगों की जांच कराई जानी बाकी है। विभाग की टीम लगातार सैंपल ले रही है।
चिह्नित इलाकों में विशेष सावधानी बरती जा रही है। केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के डॉ. सुधीर कुमार वर्मा का कहना है कि लॉकडाउन का सही तरीके से पालन होने से स्थितियां सामान्य नजर आ रही हैं।
क्वारंटीन के नियम का पालन करने से भी मरीजों की संख्या थमी है। लोहिया संस्थान के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह का कहना है कि अभी पूरी तरह से सावधानी बरतने की जरूरत है। इस सप्ताह क्वारंटीन के नियमों का पालन कर लिया तो भविष्य में स्थितियों में सुधार होने की संभावना है। तीन दिन से पॉजिटिव मरीज न मिलना सकारात्मक संकेत है।