ओपीडी के मरीजों के लिए बड़ी राहत: वैक्सीन लगी है तो बिना आरटीपीसीआर जांच के दिखाइए मरीज
चिकित्सा विवि ने वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके मरीजों को आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता से छूट दे दी है। बलरामपुर, सिविल और लोकबंधु सहित अन्य सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में मरीज दिखाने के लिए कोई शर्त नहीं रखी गई है।
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केजीएमयू की ओपीडी अब सामान्य होती नजर आ रही है। संस्थान ने ओपीडी में दिखाने वाले मरीजों की अधिकतम संख्या में बढ़ोतरी करने के बाद अब जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लगी है उन्हें ओपीडी में आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता से छूट दी है। अभी तक ओपीडी में सिर्फ कोविड-19 की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लाने वाले मरीज ही देखे जाते थे।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर थमने के बाद केजीएमयू की ओपीडी तो शुरू हो गई, लेकिन इसमें ऑनलाइन पंजीकरण व आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दी गई। इससे मरीजों को काफी समस्या हो रही थी। पहली मुसीबत ऑनलाइन पंजीकरण में तारीख पाना था। इसके बाद आरटीपीसीआर जांच करानी थी। यह रिपोर्ट सिर्फ तीन दिन के लिए ही मान्य थी, इससे मरीजों को और भी असुविधा हो रही थी।
इस अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग काफी समय से चल रही थी। इस पर अब चिकित्सा विवि ने वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके मरीजों को आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता से छूट दे दी है।
सरकारी अस्पतालों में पहले से छूट
राजधानी के बलरामपुर, सिविल और लोकबंधु सहित अन्य सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में मरीज दिखाने के लिए कोई शर्त नहीं रखी गई है। न मरीज देखने की सीमा तय है न आरपीटीसीआर निगेटिव जांच रिपोर्ट लगती है। लोहिया संस्थान और केजीएमयू में ही यह शर्त लगाई गई थी। अब केजीएमयू ने तो इसमें कुछ हद तक छूट दे दी है, लेकिन लोहिया संस्थान में अब भी यह अनिवार्यता जारी है।
अधिकतम मरीज की सीमा अब भी तय
केजीएमयू के सुपर स्पेशियलिटी विभाग में रोजाना 100 और सामान्य विभागों में 200 मरीजों को परामर्श देने की व्यवस्था है। अभी तक सामान्य विभाग में यह संख्या 150 और सुपर स्पेशियलिटी में 75 ही थी। हालांकि यह संख्या अभी भी काफी कम है। इसी वजह से ओपीडी में दिखाने वाले मरीजों की संख्या अभी भी एक चौथाई ही हो पाई है।
इस पर केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. संदीप तिवारी का कहना है कि वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके मरीजों के लिए आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट लाने की अनिवार्यता में छूट दी गई है। मरीजों की अधिकतम संख्या भी बढ़ाई गई है। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है।