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इमामबाड़ा में प्रवेश को कोई ड्रेसकोड नहीं, सिर्फ मर्यादित पहनावे का निर्देश
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डीएम ने साफ की स्थिति, इमामबाड़ा में एंट्री के लिए ड्रेसकोड नहीं, सिर्फ गरिमामय पहनावा
बड़े और छोटे इमामबाड़े में भड़कीले कपड़े पहनकर जाने पर लगे प्रतिबंध के बाद मचे हो-हल्ला पर हुसैनाबाद ट्रस्ट के अध्यक्ष और डीएम कौशल राज शर्मा ने स्थिति साफ कर दी है।
उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से किसी भी तरह का ड्रेसकोड लागू नहीं है। पर्यटकों को सिर्फ ऐसे वस्त्र पहन कर न जाने को कहा गया है, जो हमारी संस्कृति और परंपरा के इतर भड़कीले और शालीनता के दायरे के बाहर न दिखते हो।
इमामबाड़ा परिसर एक धार्मिक स्थल है, लिहाजा पर्यटकों को भी खुद गरिमामय परिधान में आना चाहिए। जिलाधिकारी ने बताया कि जल्द ही राजधानी के ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़े सभी पर्यटन स्थल घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए एएसआई के साथ मिलकर नई गाइडलाइन तय कर प्रदर्शित कराई जाएगी।
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प्री-वेडिंग शूट पर रोक
जिलाधिकारी ने बताया कि इमामबाड़ा परिसरों में फोटो व वीडियो बनाने के साथ प्री-वेडिंग शूट पर रोक का सख्ती से पालन होगा। पर्यटक ट्राइपॉड कैमरे, वीडियो कैमरे नहीं ले जा सकेंगे। सिर्फ छोटा डिजिटल कैमरा या मोबाइल कैमरा ले जा सकेंगे।
बनेगा अस्थाई अस्पताल : इमामबाड़ा घूमने आए पर्यटकों को परिसर में स्वास्थ्य चिकित्सा की बेहतर सुविधा के लिए बंद पड़े एक बेड के अस्थायी चिकित्सा शिविर को पांच बेड का बनाया जाएगा।
इधर, सिर ढंकने को दिया दुपट्टा
बड़े इमामबाड़े में पर्यटकों को स्कर्ट टॉप पहनकर परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। वहीं इसके साथ ही ऐसे पर्यटकों को रोक कर दुपट्टा उड़ाया गया जो खुले सिर थीं। इस दौरान कई पर्यटक वापस भी हो गए। इस दौरान दोपहर में एडीएम पश्चिम व हुसैनाबाद ट्रस्ट के सचिव संतोष कुमार वैश्य ने बड़े इमामबाड़े व छोटे इमामबाड़े में वक्त गुजारते हुए कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे पर्यटकों को आदेश का पालन कराने को लेकर अच्छे से समझाएं।
पर्यटकों ने पहल का किया स्वागत
हुसैनाबाद ट्रस्ट के अधीन आने वाले स्मारकों पर इस तरह के नियम व कानून होने का पर्यटकों ने स्वागत किया। इंदिरा नगर से आए सुनील व उनके परिवार का कहना है कि डीएम साहब का यह आदेश केवल हुसैनाबाद इलाके के स्मारकों के अलावा अन्य धर्म के स्मारकों व पार्कों में भी लागू किया जाना चाहिए ताकि लोग परिवार के साथ घूमने का मजा उठा सकें। वहीं मुंबई से आए अंसारी परिवार ने भी डीएम के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यटक स्थलों पर घूमने आने वालों की संख्या बढ़ेगी। वहीं अलीगंज से आए हसनैन व उनके परिवार की महिलाओं ने डीएम के इस फैसले का इस्तकबाल किया। इसी क्रम में अन्य पर्यटकों ने भी खुशी का इजहार किया।
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बड़े और छोटे इमामबाड़े में भड़कीले कपड़े पहनकर जाने पर लगे प्रतिबंध के बाद मचे हो-हल्ला पर हुसैनाबाद ट्रस्ट के अध्यक्ष और डीएम कौशल राज शर्मा ने स्थिति साफ कर दी है।
उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से किसी भी तरह का ड्रेसकोड लागू नहीं है। पर्यटकों को सिर्फ ऐसे वस्त्र पहन कर न जाने को कहा गया है, जो हमारी संस्कृति और परंपरा के इतर भड़कीले और शालीनता के दायरे के बाहर न दिखते हो।
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इमामबाड़ा परिसर एक धार्मिक स्थल है, लिहाजा पर्यटकों को भी खुद गरिमामय परिधान में आना चाहिए। जिलाधिकारी ने बताया कि जल्द ही राजधानी के ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़े सभी पर्यटन स्थल घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए एएसआई के साथ मिलकर नई गाइडलाइन तय कर प्रदर्शित कराई जाएगी।
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प्री-वेडिंग शूट पर रोक
जिलाधिकारी ने बताया कि इमामबाड़ा परिसरों में फोटो व वीडियो बनाने के साथ प्री-वेडिंग शूट पर रोक का सख्ती से पालन होगा। पर्यटक ट्राइपॉड कैमरे, वीडियो कैमरे नहीं ले जा सकेंगे। सिर्फ छोटा डिजिटल कैमरा या मोबाइल कैमरा ले जा सकेंगे।
बनेगा अस्थाई अस्पताल : इमामबाड़ा घूमने आए पर्यटकों को परिसर में स्वास्थ्य चिकित्सा की बेहतर सुविधा के लिए बंद पड़े एक बेड के अस्थायी चिकित्सा शिविर को पांच बेड का बनाया जाएगा।
इधर, सिर ढंकने को दिया दुपट्टा
बड़े इमामबाड़े में पर्यटकों को स्कर्ट टॉप पहनकर परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। वहीं इसके साथ ही ऐसे पर्यटकों को रोक कर दुपट्टा उड़ाया गया जो खुले सिर थीं। इस दौरान कई पर्यटक वापस भी हो गए। इस दौरान दोपहर में एडीएम पश्चिम व हुसैनाबाद ट्रस्ट के सचिव संतोष कुमार वैश्य ने बड़े इमामबाड़े व छोटे इमामबाड़े में वक्त गुजारते हुए कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे पर्यटकों को आदेश का पालन कराने को लेकर अच्छे से समझाएं।
पर्यटकों ने पहल का किया स्वागत
हुसैनाबाद ट्रस्ट के अधीन आने वाले स्मारकों पर इस तरह के नियम व कानून होने का पर्यटकों ने स्वागत किया। इंदिरा नगर से आए सुनील व उनके परिवार का कहना है कि डीएम साहब का यह आदेश केवल हुसैनाबाद इलाके के स्मारकों के अलावा अन्य धर्म के स्मारकों व पार्कों में भी लागू किया जाना चाहिए ताकि लोग परिवार के साथ घूमने का मजा उठा सकें। वहीं मुंबई से आए अंसारी परिवार ने भी डीएम के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि पर्यटक स्थलों पर घूमने आने वालों की संख्या बढ़ेगी। वहीं अलीगंज से आए हसनैन व उनके परिवार की महिलाओं ने डीएम के इस फैसले का इस्तकबाल किया। इसी क्रम में अन्य पर्यटकों ने भी खुशी का इजहार किया।