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PhD के लिए अब नहीं होगा कॉमन एंट्रेंस टेस्ट
आशीष कुमार त्रिवेदी/लखनऊ
Updated Mon, 23 Dec 2013 10:43 AM IST
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पीएचडी में दाखिले को लेकर असमंजस खत्म हो गया है। इसके लिए अब कॉमन एडमिशन टेस्ट नहीं होगा। यूनिर्वर्सिटी अपने-अपने स्तर पर छात्रों को पीएचडी व एमफिल में दाखिला दे सकेंगी।
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उन छात्रों को बड़ी राहत मिली है जिन्होंने वर्ष 2012 में फैजाबाद यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित कॉमन एडमिशन टेस्ट पास किया था लेकिन अभी तक उनका दाखिला लटका हुआ था।
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अब ऐसे अभ्यर्थियों का सर्टिफिकेट दो की बजाए तीन साल तक यानी 16 जुलाई 2015 तक मान्य होगा।
विशेष सचिव (उच्च शिक्षा) निधि केसरवानी की ओर से इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि यूनिवर्सिटी अपने-अपने स्तर पर विज्ञापन निकालकर दाखिला लें।
अब यह होगा
अब पीएचडी में दाखिले के लिए 2012 में हुए कॉमन एडमिशन टेस्ट को प्रारम्भिक प्रवेश परीक्षा माना जाएगा।
इसके बाद यूनिवर्सिटी अपने-अपने स्तर पर पीएचडी की खाली सीटों, स्थानीय एवं विशिष्ट आवश्यकता को देखते हुए अभ्यर्थियों का चयन करेंगी।
यानि अब कॉमन एडमिशन टेस्ट में चयनित हुए अभ्यर्थियों को अलग-अलग विश्वविद्यालयों द्वारा निकाले गए विज्ञापन को देखकर दाखिले के लिए आवेदन करना होगा।