{"_id":"5d5934ac8ebc3e89b9232cba","slug":"no-candidate-was-selected-for-sub-inspector-m-post-in-police-department","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पुलिस विभाग में ‘गोपनीयता’ के लिए नहीं मिला एक भी एसआई, 16 हजार ने किया था आवदेन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस विभाग में ‘गोपनीयता’ के लिए नहीं मिला एक भी एसआई, 16 हजार ने किया था आवदेन
Sun, 18 Aug 2019 04:51 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 18 Aug 2019 04:51 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी पुलिस लिपिक, लेखा एवं गोपनीय सहायक संवर्ग के लिए हुई सीधी भर्ती में पुलिस उप निरीक्षक-एम (गोपनीय) के लिए एक भी अभ्यर्थी योग्य नहीं मिला।
विज्ञापन
यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की वर्ष 2016 में निकली भर्ती में कुल 760 पदों पर भर्ती होनी थी। इनमें कुल 184 पदों पर ही भर्ती हो सकी। बाकी के लिए योग्य अभ्यर्थी नहीं मिले।
विज्ञापन
सबसे शर्मनाक स्थिति एसआई-एम में रही। 170 पदों के लिए एक भी चयन नहीं हो सका। इनमें 34 पद महिलाओं के लिए थे।
भर्ती बोर्ड के चेयरमैन राजकुमार विश्वकर्मा ने बताया कि पुलिस सहायक उप निरीक्षक लिपिक के लिए पुरुषों के 303 पदों के लिए सिर्फ 157 जबकि महिलाओं के 75 पदों के लिए 12 अभ्यर्थी ही योग्य मिले।
विज्ञापन
वहीं, पुलिस सहायक उप निरीक्षक लेखा के 212 पदों के लिए 15 ही योग्य मिल सके। इनमें 42 पदों के लिए सिर्फ एक महिला चयनित हुई। चेयरमैन ने बताया कि बचे पदों के लिए नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।
शार्टहैंड टाइपिंग में हुए फेल
760 पदों के लिए 16 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 13 सितंबर 2017 को लिखित परीक्षा में सिर्फ 1946 अभ्यर्थी ही तय मानक के अनुसार 50 फीसदी अंक पा सके। अंतिम चयन के लिए शॉर्टहैंड व टाइपिंग परीक्षा पास करनी थी, जिनमें अधिकतर अभ्यर्थी फेल हो गए।