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ज्यादा दिन नहीं फंसेगी रिश्वतखोर को पकड़वाने में लगाई गई रकम, हेल्पलाइन नंबर जारी
Thu, 17 Dec 2020 08:48 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 17 Dec 2020 08:48 PM IST
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किसी रिश्वतखोर सरकारी अधिकारी को पकड़वाने में शिकायतकर्ता द्वारा लगाई गई रकम अब ज्यादा दिनों तक अदालत के फैसले के फेर में नहीं फंसी रहेगी। मामले में चार्जशीट दाखिल होते ही वादी प्रार्थना पत्र देकर यह रकम वापस ले सकता है। विजिलेंस द्वारा किसी को रिश्वत लेते गिरफ्तार करते समय जो रकम बतौर ट्रैप मनी खर्च की जाती है वह पैसा केस प्रॉपर्टी बन जाता है। उसे वापस लेने में ट्रायल पूरा होने तक इंतजार करना पड़ता है, जिसमें वर्षों लग जाते हैं।
यही वजह है कि बड़ी रकम के मामलों में रिश्वतखोर अफसर कम ही पकड़े जाते हैं। क्योंकि शिकायतकर्ता को अपने पैसे डूबने का डर बना रहता है। इसे देखते हुए अब सतर्कता अधिष्ठान की पहल पर शासन ने व्यवस्था में बदलाव किया है। चार्जशीट दाखिल होने व न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने के बाद शिकायतकर्ता अपना पैसा वापस लेने के लिए संबंधित अधिकारी के यहां आवेदन करेगा और उसकी रकम वापस मिल जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता से एक बांड भरवाया जाएगा कि केस के अंतिम फैसले के बाद वह दोबारा दावा नहीं करेगा।
शिकायतकर्ता के काम को प्राथमिकता
यदि शिकायतकर्ता किसी को रिश्वत लेते हुए पकड़वाता है तो उसका दूसरे अधिकारी उत्पीड़न न करें और उसका काम समय से हो इसे प्राथमिकता पर रखा जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से सभी विभागों को पत्र भेजे गए हैं। वहीं, सतर्कता अधिष्ठान ने हेल्पलाइन नंबर 9454401866 भी शुरू किया है, जिस पर फोन करके रिश्वतखोरी की शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा संबंधित सेक्टर के एसपी के सीयूजी नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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यही वजह है कि बड़ी रकम के मामलों में रिश्वतखोर अफसर कम ही पकड़े जाते हैं। क्योंकि शिकायतकर्ता को अपने पैसे डूबने का डर बना रहता है। इसे देखते हुए अब सतर्कता अधिष्ठान की पहल पर शासन ने व्यवस्था में बदलाव किया है। चार्जशीट दाखिल होने व न्यायालय द्वारा संज्ञान लेने के बाद शिकायतकर्ता अपना पैसा वापस लेने के लिए संबंधित अधिकारी के यहां आवेदन करेगा और उसकी रकम वापस मिल जाएगी। इस प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता से एक बांड भरवाया जाएगा कि केस के अंतिम फैसले के बाद वह दोबारा दावा नहीं करेगा।
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शिकायतकर्ता के काम को प्राथमिकता
यदि शिकायतकर्ता किसी को रिश्वत लेते हुए पकड़वाता है तो उसका दूसरे अधिकारी उत्पीड़न न करें और उसका काम समय से हो इसे प्राथमिकता पर रखा जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से सभी विभागों को पत्र भेजे गए हैं। वहीं, सतर्कता अधिष्ठान ने हेल्पलाइन नंबर 9454401866 भी शुरू किया है, जिस पर फोन करके रिश्वतखोरी की शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा संबंधित सेक्टर के एसपी के सीयूजी नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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