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आधार कार्ड नहीं, स्कूल रिकॉर्ड की जन्मतिथि ही मान्य
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 26 Jul 2016 02:43 AM IST
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छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में आधार कार्ड के बजाय स्कूल रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि को ही सही माना जाएगा।
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शासन ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा, आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ आवेदनों का दोहराव रोकने और बैंक खाते से इसे लिंक करने में किया जाएगा। हालांकि, किसी भी विद्यार्थी का खाता आधार कार्ड से जुड़ा न होने पर भुगतान नहीं हो सकेगा।
सूबे में पहली बार छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई संबंधी ऑनलाइन आवेदन में आधार नंबर देना अनिवार्य कर दिया है। इसलिए आनन-फानन में विद्यार्थी आधार कार्ड बनवा रहे हैं।
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बड़ी तादाद में ऐसे आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिनमें दर्ज विद्यार्थी की जन्मतिथि स्कूल के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही है। चूंकि, आवेदनों की जांच आधार कार्ड में दिए गए ब्योरे के आधार पर भी होनी है। लिहाजा माना जा रहा था कि जन्मतिथि अलग-अलग पाए जाने वाले आवेदन खारिज कर दिए जाएंगे।
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विद्यार्थियों को अपने आधार नंबर को बैंक अकाउंट से लिंक करवाना होगा। इससे आवेदन पत्रों की जांच के दौरान यह पता चल जाएगा कि विद्यार्थियों की बैंक खाता संख्या सही है या नहीं।
किसी विद्यार्थी के एक से ज्यादा बार आवेदन करने पर भी वह आसानी से पकड़ा जा सकेगा। हालांकि शासन ने साफ कर दिया है कि आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर कोई भी आवेदन स्वीकार या खारिज नहीं होगा।
प्रमुख सचिव, समाज कल्याण सुनील कुमार ने बताया कि इस बारे में सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।