{"_id":"59c79dd44f1c1b88688b6433","slug":"niv-becomes-a-useful-kit-for-asthmatic-patient","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांस के मरीजों के लिए वरदान बना एनआईवी, केजीएमयू में जानकारों ने गिनाए फायदे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांस के मरीजों के लिए वरदान बना एनआईवी, केजीएमयू में जानकारों ने गिनाए फायदे
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 24 Sep 2017 05:28 PM IST
विज्ञापन
कार्यक्रम का शुुुभारंभ करते अतिथि
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांस के अतिगंभीर मरीजों के लिए नॉन इनवेजिव वेंटीलेशन (एनआईवी) तकनीक वरदान साबित हो रहा है। यह न सिर्फ सुविधाजनक है, बल्कि इसका उपयोग आम आदमी भी आसानी से कर सकता है।
विज्ञापन
यह काफी किफायती भी होता है। यह जानकारी शनिवार को केजीएमयू के कलाम सेंटर में आयोजित संगोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने दी।
कार्यक्रम का आयोजन पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन और इंडियन चेस्ट सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में किया गया।
संगोष्ठी में वीसी प्रो. एमएलबी भट्ट, डॉ. सूर्यकांत, डॉ. वेद प्रकाश, डॉ. बीपी सिंह, डॉ. एके सिंह, डॉ. एसएन गुप्ता, डॉ. अजय वर्मा, मुंबई से आए डॉ. सुजीत के राजन ने जानकारी दी।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सुजीत के राजन ने बताया कि वेंटीलेटर की पुरानी तकनीकी से मरीजों को कई प्रकार की समस्याएं होती थीं। इसको उपयोग करने के लिए उन्हें नली की सहायता लेनी होती थी।
विज्ञापन
जिससे निमोनिया का खतरा रहता था, लेकिन एनआईवी तकनीक में मरीज को सिर्फ मास्क लगाना होता है। डॉ. बीपी सिंह ने कहा कि इसका आसानी से घर पर भी प्रयोग किया जा सकता है।
इससे बार-बार अस्पताल में भर्ती होने से निजात मिल जाएगी। डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि आकार में छोटी होने के कारण मशीन कहीं भी लेकर जा सकते हैं।