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एनआईआरएफ : केजीएमयू और पीजीआई को छोड़ बाकी सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों ने अपनी श्रेणी में गंवाई रैंकिंग
Fri, 10 Sep 2021 11:28 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 10 Sep 2021 11:28 AM IST
सार
भले ही केजीएमयू ने अपनी श्रेणी की रैंकिंग में लाज रखी बल्कि एक पायदान सुधारा भी लेकिन ओवरऑल और यूनिवर्सिटी की श्रेणी में उसकी रैकिंग में इस बार गिरावट देखने को मिली। मेडिकल संस्थानों की श्रेणी में केजीएमयू ने अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए इस बार 9वां स्थान प्राप्त किया है।
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विस्तार
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2021 में केजीएमयू और पीजीआई लखनऊ को छोड़ बाकी अन्य लखनऊ के सरकारी शिक्षण संस्थान अपनी-अपनी श्रेणी में गत वर्ष के मुकाबले पिछली रैंकिंग से भी पिछड़ गए हैं। बृहस्पतिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 11 श्रेणियों में जारी रैंकिंग में स्थान प्राप्त करने वाले देश भर के शिक्षण संस्थानों की सूची जारी की।
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भले ही केजीएमयू ने अपनी श्रेणी की रैंकिंग में लाज रखी बल्कि एक पायदान सुधारा भी लेकिन ओवरऑल और यूनिवर्सिटी की श्रेणी में उसकी रैकिंग में इस बार गिरावट देखने को मिली। मेडिकल संस्थानों की श्रेणी में केजीएमयू ने अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए इस बार 9वां स्थान प्राप्त किया है। गत वर्ष की रैंकिंग में वह 10वें पायदान पर थी। इसी श्रेणी में पीजीआई लखनऊ ने गत वर्ष की भांति इस बार भी अपनी 5वीं रैंकिंग को बरकरार रखा। ओवरऑल शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में केजीएमयू ने लगातार दूसरी बार गिरावट दर्ज की है। इस बार उसने 60वीं रैंक हासिल की। जबकि गत वर्ष वह 50वीं रैंक पर थी और वर्ष 2019 में वह 42वें पायदान पर थी। वहीं यूनिवर्सिटी की श्रेणी में भी केजीएमयू ने इस बार अपनी रैंकिंग की गिरा दी। इस बार उसे 39वीं रैंक मिली है। जबकि गत वर्ष वह 32वीं रैंक पर थी।
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डेंटल की श्रेणी में राजधानी ने खोला खाता
डेंटल की श्रेणी में इस बार राजधानी ने अपना खाता खोला और केजीएमयू ने इस श्रेणी में शानदार परफॉर्मेंस देते हुए 5वीं रैंक हासिल की है। इसी श्रेणी में सरस्वती डेँटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को 27वीं रैंक हासिल हुई है।
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प्रबंधन में आईआईएम फिसला
प्रबंधन के क्षेत्र में आईआईएम लखनऊ भले ही टॉप 10 में जगह बनाने में कामयाब हुआ है लेकिन उसने अपनी पिछली रैंकिंग भी गंवा दी। इस साल उसे 7वीं रैंक हासिल हुई है। जबकि गत वर्ष वह चौथे पायदान पर था। इसी श्रेणी में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने अपनी रैंकिंग में सुधार करते हुए 68वें रैंक पर पहुंच गया। गत वर्ष वह 73वें स्थान पर था।
यूनिवर्सिटी की श्रेणी में गैर मेडिकल से केवल बीबीएयू शामिल
यूनिवर्सिटी की श्रेणी में केजीएमयू को छोड़ दिया जाए तो बीबीएयू को छोड़ बाकी कोई भी विश्वविद्यालय टॉप 100 में नजर नहीं आया। बीबीयू ने इस बार 65वीं रैंक हासिल की है। गत वर्ष टॉप 100 में नहीं था। पीआरओ डॉ. रचना गंगवार ने बताया कि प्रबंधन के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी के ग्रामीण प्रबंधन विभाग ने 75 से 100 वें रैंक में अपनी जगह बनाई है। लविवि के प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि विवि ने अपने 100 साल के इतिहास में पहली बार रैंकिंग में हिस्सा लेकर पहला राज्य विश्वविद्यालय बना। इसके अलावा इस श्रेण्ी में भाषा विश्वविद्यालय, शकुंतला मिश्रा, समेत अन्य कोई भी राजधानी का निजी विश्वविद्यालय इस श्रेणी में अपनी जगह नहीं बना सका।
गिरा, उठा और फिर गिरा विधि विवि
डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय गिरकर उठा और इस साल फिर रैंकिंग की दौड़ में पिछड़ गया। इस बार विश्वविद्यालय ने 15वीं रैंक हासिल की है। जबकि गत वर्ष वह 11वें स्थान पर था। वहीं वर्ष 2019 में वह 14वें रैंक पर था जबकि वर्ष 2018 में उसने 8वीं रैंक हासिल की थी। कुलपति प्रो. एसके भटनागर ने बताया कि अब करीब 95वे फीसदी शिक्षक पीएचडी डिग्री धारक हैं। कंसलटैंसी और एक्सटेंशन के कार्य को अधिक गति देनी होगी, तभी एनआईआरएफ में स्थान और बेहरत होगा।
इंजीनियरिंग की श्रेणी में राजधानी फिर हुई निराश
इंजीनियरिंग की श्रेणी में राजधानी के शिक्षण संस्थानों ने एक बार फिर निराशाजनक प्रदर्शन किया है। एक भी संस्थान अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं करा सका। कुलपति प्रो. विनीत कंसल ने बताया कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एफिलिएटिँग यूनविर्सिटी होने की वजह से एकेटीयू आवेदन नहीं करता है। इस साल पहली बार आईईटी लखनऊ ने आवेदन किया था, लेकिन कोई स्थान नहीं मिला। एकेटीयू से संबद्घ नोएडा के कुछ कॉलेजों ने टॉप 200 में जगह बनाई है। वहीं फॉर्मेसी में एक निजी संस्थान ने टॉप 50 में जगह बनाई है।
फार्मेसी में एक बार फिर केवल इंटीग्रल यूनिवर्सिटी
फार्मेसी की श्रेणी में एक बार फिर लखनऊ से केवल इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ही नजर आई। इस बार उसने गत वर्ष 46वें पायदान से आगे बढ़कर 41वां स्थान प्राप्त किया है। इस श्रेणी में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फर्मास्यूटिकल एजूकेशन एंड रिसर्च ने 13वां स्थान प्राप्त किया है। रैंकिंग में इस संस्थान को लखनऊ से दर्शाया गया है लेकिन पते में इसे रायबरेली दर्शाया गया है।
चार श्रेणियों में राजधानी हुई निराश
इस बार रैंकिंग 11 श्रेणियों ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, कॉलेज, मेडिकल, विधि, आर्किटेक्चर, डेंटल और रिसर्च में जारी की गई। इनमें चार श्रेणियों इंजीनियरिंग, कॉलेज, आर्किटेक्चर और रिसर्च में राजधानी के शिक्षण संस्थानों ने खाता नहीं खोला।
गिरा, उठा और फिर गिरा विधि विवि
डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय गिरकर उठा और इस साल फिर रैंकिंग की दौड़ में पिछड़ गया। इस बार विश्वविद्यालय ने 15वीं रैंक हासिल की है। जबकि गत वर्ष वह 11वें स्थान पर था। वहीं वर्ष 2019 में वह 14वें रैंक पर था जबकि वर्ष 2018 में उसने 8वीं रैंक हासिल की थी। कुलपति प्रो. एसके भटनागर ने बताया कि अब करीब 95वे फीसदी शिक्षक पीएचडी डिग्री धारक हैं। कंसलटैंसी और एक्सटेंशन के कार्य को अधिक गति देनी होगी, तभी एनआईआरएफ में स्थान और बेहरत होगा।
इंजीनियरिंग की श्रेणी में राजधानी फिर हुई निराश
इंजीनियरिंग की श्रेणी में राजधानी के शिक्षण संस्थानों ने एक बार फिर निराशाजनक प्रदर्शन किया है। एक भी संस्थान अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं करा सका। कुलपति प्रो. विनीत कंसल ने बताया कि इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एफिलिएटिँग यूनविर्सिटी होने की वजह से एकेटीयू आवेदन नहीं करता है। इस साल पहली बार आईईटी लखनऊ ने आवेदन किया था, लेकिन कोई स्थान नहीं मिला। एकेटीयू से संबद्घ नोएडा के कुछ कॉलेजों ने टॉप 200 में जगह बनाई है। वहीं फॉर्मेसी में एक निजी संस्थान ने टॉप 50 में जगह बनाई है।
फार्मेसी में एक बार फिर केवल इंटीग्रल यूनिवर्सिटी
फार्मेसी की श्रेणी में एक बार फिर लखनऊ से केवल इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ही नजर आई। इस बार उसने गत वर्ष 46वें पायदान से आगे बढ़कर 41वां स्थान प्राप्त किया है। इस श्रेणी में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फर्मास्यूटिकल एजूकेशन एंड रिसर्च ने 13वां स्थान प्राप्त किया है। रैंकिंग में इस संस्थान को लखनऊ से दर्शाया गया है लेकिन पते में इसे रायबरेली दर्शाया गया है।
चार श्रेणियों में राजधानी हुई निराश
इस बार रैंकिंग 11 श्रेणियों ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, कॉलेज, मेडिकल, विधि, आर्किटेक्चर, डेंटल और रिसर्च में जारी की गई। इनमें चार श्रेणियों इंजीनियरिंग, कॉलेज, आर्किटेक्चर और रिसर्च में राजधानी के शिक्षण संस्थानों ने खाता नहीं खोला।