लखनऊ में फंसे तेलंगाना के 99 प्रवासी, यूपी सरकार से घर पहुंचाने की लगाई गुहार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मजदूरों ने बताया कि दो महीने से बेरोजगार हैं। जहां काम करते थे, उन लोगों ने भी साथ छोड़ दिया। न खाने को बचा है न ही पास में पैसा है कि आगे जा सकें। यहां तक भटकते-भटकते किसी तरह से पहुंचे हैं। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि इनका सफर लंबा है, इसलिए बड़ी गाड़ी चाहिए होगी। संभव है कि इन्हें जल्द पहुंचाया जाएगा।
कुवैत से राजधानी पहुंचे 152 यात्री
वंदे भारत मिशन के अंतर्गत रविवार को अल जजीरा एयरलाइन की फ्लाइट अमौसी एयरपोर्ट पर शाम को पहुंची। इसमें कुवैत से 152 यात्रियों को राजधानी लाया गया। उनकी स्क्रीनिंग हुई, लगेज की जांच पड़ताल की गई और कस्टम जांच के बाद होम क्वारंटीन के लिए भेज दिया गया।
अमौसी एयरपोर्ट से रविवार को एक दर्जन से अधिक विमानों की आवाजाही हुई। इसमें लखनऊ से अहमदाबाद, बेंगलुरू, दिल्ली, कोलकाता और हैदराबाद के लिए फ्लाइट रवाना हुईं। इन्हीं एयरपोर्ट से विमान लखनऊ भी पहुंचे, जिनकी संख्या करीब डेढ़ हजार के आसपास थी।
प्रवासी कामगारों को बांटा पौष्टिक आहार
दूसरे शहरों से लौट रहे प्रवासी कामगारों को इंडिया लिटरेसी बोर्ड के चेयरमैन एवं रिटायर्ड आईएएस अधिकारी रवींद्र सिंह के निर्देश पर शहीद पथ से गुजरने वाली बसों में बैठे प्रवासियों को पौष्टिक आहार दिया गया। निदेशक मधु जोशी के मार्गदर्शन में चले इस अभियान में अनिल मिश्रा, एस भारद्वाज, रामचन्द्र यादव, शकील अहमद, अरुण कुमार तिवारी, सुषमा ढ़ौंढ़ियाल, दिनेश सिंह, सुधाकर मान सिंह, नरेंद्र जीत सिंह निगम मौजूद रहे।
14 श्रमिक ट्रेनों से पहुंचे 4200 प्रवासी
चारबाग रेलवे स्टेशन पर रविवार को कुल 14 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से करीब 4200 यात्रियों ने सफर किया। इसमें तीन ट्रेनें लखनऊ में टर्मिनेट हुईं और बाकी पासिंग श्रमिक स्पेशल ट्रेनें गुजरीं। सुबह से ट्रेनों के चारबाग स्टेशन आने का सिलसिला बना रहा। जीआरपी सिपाही फेस शील्ड लगाकर ड्यूटी कर रहे थे।